RBSE Class 12th 2025 Hindi-SS-01-2025 Previous Year Papers
You opened the RBSE Class 12th 2025 Hindi-SS-01-2025 Previous Year Papers page — a focused place to read the real previous year question paper for that subject and year. RBSE Solution keeps exam-year sets together so you can practise the same cycle your seniors faced.
Previous year papers reward patience: read instructions, note mark distribution, then attempt questions before peeking at solutions elsewhere on the site. This URL always loads the same free previous year papers content for Hindi-SS-01-2025 (2025).
Use the details table to confirm class and year, then scroll to the paper images or PDF below. More subjects from 2025 are linked later on this page.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2025 |
| Subject | Hindi-SS-01-2025 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2025, and subject Hindi-SS-01-2025 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
How to practise with this question paper
Stage one: read the Hindi-SS-01-2025 question paper from 2025 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.
Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.
RBSE Class 12th 2025 Hindi-SS-01-2025
Scroll through the Previous Year Papers pages for Hindi-SS-01-2025 (2025).
Rajasthan Board Class 12th Hindi-SS-01-2025 2025 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2025
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2025
हिंदी (अनिवार्य)
समय : 3 घण्टे 45 मिनट पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
- प्रश्न का उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।
Roll No. : _______________ कुल प्रश्नों की संख्या : 18 प्रश्न पत्र कोड : SS-01-Hindi (C)
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 7
[Turn Over]
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ दबाएँ।
खण्ड - अ
9. निम्नलिखित बहुविकल्पात्मक प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
-
"स्टिंग ऑपरेशन" किस पत्रकारिता का रूप है?
- अ) खोजी पत्रकारिता
- ब) वॉचडॉग पत्रकारिता
- स) एडवोकेसी पत्रकारिता
- द) वैकल्पिक पत्रकारिता
सही उत्तर: अ) खोजी पत्रकारिता
व्याख्या: स्टिंग ऑपरेशन खोजी पत्रकारिता का एक रूप है, जिसमें पत्रकार छिपे हुए कैमरे या रिकॉर्डर से किसी गलत काम या भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं।
-
जनसंचार के आधुनिक माध्यमों में सबसे पुराना माध्यम कौनसा है?
- अ) रेडियो
- ब) दूरदर्शन
- स) मुद्रित या प्रिंट माध्यम
- द) इंटरनेट
सही उत्तर: स) मुद्रित या प्रिंट माध्यम
व्याख्या: जनसंचार के आधुनिक माध्यमों में मुद्रित या प्रिंट माध्यम (समाचार पत्र, पत्रिकाएँ) सबसे पुराना है, जो 15वीं शताब्दी में प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कार के बाद विकसित हुआ।
-
भाषा की ध्वनियों को जिन लेखन चिह्नों में लिखा जाता है उसे क्या कहते हैं?
- अ) भाषा
- ब) लिपि
- स) बोली
- द) स्वर
सही उत्तर: ब) लिपि
व्याख्या: लिपि वह लेखन प्रणाली है जिसके माध्यम से भाषा की ध्वनियों को दृश्य चिह्नों में लिखा जाता है, जैसे देवनागरी, रोमन आदि।
-
एक सीमित क्षेत्र में बोले जाने वाले भाषा के स्थानीय रूप को कहा जाता है -
- अ) बोली
- ब) स्वर
- स) व्यंजन
- द) भाषा
सही उत्तर: अ) बोली
व्याख्या: बोली किसी भाषा का वह स्थानीय रूप है जो एक सीमित भौगोलिक क्षेत्र में बोली जाती है, जैसे अवधी, ब्रज, भोजपुरी आदि।
-
"एक तिनका" शीर्षक कविता किस संग्रह से ली गई है?
- अ) कोई दूसरा नहीं
- ब) इन दिनों
- स) बात सीधी थी पर
- द) निशा-निमंत्रण
सही उत्तर: द) निशा-निमंत्रण
व्याख्या: "एक तिनका" कविता हरिवंश राय बच्चन के कविता संग्रह "निशा-निमंत्रण" से ली गई है।
-
"कवितावली" किस कवि की रचना है?
- अ) सूरदास
- ब) तुलसीदास
- स) कबीर
- द) जायसी
सही उत्तर: ब) तुलसीदास
व्याख्या: "कवितावली" तुलसीदास जी की रचना है, जिसमें उन्होंने विभिन्न छंदों में रामकथा का वर्णन किया है।
-
"छोटा मेरा खेत" कविता में कवि को चौकोर खेत किसकी तरह लगता है?
- अ) कागज का पन्ना
- ब) बगुलों के पंख
- स) काले बादल
- द) आँगन
सही उत्तर: अ) कागज का पन्ना
व्याख्या: "छोटा मेरा खेत" कविता में कवि सुमित्रानंदन पंत को चौकोर खेत कागज के पन्ने जैसा लगता है, जिसमें वे बीज (शब्द) बोते हैं।
-
"भक्तिन" का असली नाम क्या था?
- अ) गोपालिका
- ब) लछमिन (लक्ष्मी)
- स) भक्तिन
- द) लक्ष्मीबाई
सही उत्तर: ब) लछमिन (लक्ष्मी)
व्याख्या: महादेवी वर्मा द्वारा रचित "भक्तिन" नामक रेखाचित्र में भक्तिन का असली नाम लछमिन (लक्ष्मी) था।
-
"भगत जी बाजार चौक में क्या बेचते थे?
- अ) जीरा
- ब) चूरन
- स) काला नमक
- द) कुछ नहीं
सही उत्तर: द) कुछ नहीं
व्याख्या: फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी "तीसरी कसम" के पात्र भगत जी बाजार चौक में कुछ नहीं बेचते थे, वे केवल बैठे रहते थे।
प्रश्न 1 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
-
लोक-प्रचलित विश्वास और विज्ञान के टकराव का सुन्दर चित्रण किस पाठ में है?
- a) काले मेघा पानी दे
- b) युक्तिन
- c) बाज़ार दर्शन
- d) पहलवान की बेलक
व्याख्या: 'पहलवान की बेलक' पाठ में लोक-प्रचलित विश्वासों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है।
-
“श्रम विभाजन और जाति प्रथा” पाठ किसके भाषण का हिन्दी रूपांतर है?
- a) भीमराव आंबेडकर
- b) महादेवी वर्मा
- c) फणीश्वर नाथ 'रेणु'
- d) हजारी प्रसाद द्विवेदी
व्याख्या: यह पाठ डॉ. भीमराव आंबेडकर के एक अंग्रेजी भाषण का हिन्दी अनुवाद है।
-
“जो हुआ होगा” जुमले में क्या भाव निहित है?
- a) विधि का त्यों स्वीकार कर लेने का भाव
- b) आत्म-विकास
- c) तरक्की को स्वीकारना
- d) परायापन
व्याख्या: इस वाक्यांश में भाग्य या घटित घटना को बिना विरोध किए स्वीकार करने का भाव है।
-
“वाई. डी. पंत” का पूरा नाम क्या था?
- a) चन्द्रशेखर पंत
- b) यशवंत पंत
- c) यशोधर पंत
- d) वामन पंत
व्याख्या: 'वाई. डी. पंत' का पूरा नाम यशोधर पंत था।
-
पाठशाला में लेखक की मित्रता किसके साथ हुई? 'पहलवान की बेलक' पाठ के आधार पर बताइए।
- a) वसंत पाटिल
- b) मास्टर मंत्री
- c) केशव करणी
- d) मास्टर सौंदलगेकर
व्याख्या: लेखक की मित्रता मास्टर सौंदलगेकर से हुई थी।
-
दुनिया के दो सबसे पुराने नियोजित शहर माने जाते हैं -
- a) मोहनजो-दड़ो और हड़प्पा
- b) नागरभारत और गढ़
- c) मिश्र और मेसोपोटामिया
- d) महाकुंड और पूरब की बस्ती
व्याख्या: मोहनजो-दड़ो और हड़प्पा को विश्व के सबसे प्राचीन नियोजित शहरों में गिना जाता है।
-
“अग्नि” पाठ के लेखक का नाम है -
- a) ओम थानवी
- b) मनोहर श्याम जोशी
- c) रजपाल
- d) आनन्द यादव
व्याख्या: 'अग्नि' पाठ के लेखक मनोहर श्याम जोशी हैं।
प्रश्न 2 (रिक्त स्थानों की पूर्ति)
- शब्द की जिस शक्ति से किसी शब्द के सबसे साधारण लोक-प्रचलित अथवा मुख्य अर्थ का बोध होता है, उसे अभिधा शब्द शक्ति कहते हैं।
- "नरेश तो बैल है।" वाक्य में लक्षणा शब्द शक्ति है।
- "पानी गए न ऊबरे मोती मानस, चून-गए न ऊबरे पानी" - 'पानी' शब्द में श्लेष अलंकार है।
- जब किसी व्यक्ति के एक अर्थ में कहे गये शब्द या वाक्य का कोई दूसरा व्यक्ति जानबूझकर दूसरा अर्थ कल्पित करे तो वहाँ वक्रोक्ति अलंकार होता है।
- 'ANNUAL' शब्द का सही हिन्दी शब्द (पारिभाषिक शब्द) वार्षिक है।
- 'शिविर' शब्द के लिए सही अंग्रेजी शब्द (पारिभाषिक शब्द) Camp है।
अपठित गद्यांश
चरित्र-बल मनुष्य का सर्वोत्तम गुण है। चरित्र की शक्ति ही मनुष्य के जीवन की मूलाधार शक्ति है। इसी से मनुष्य अपने जीवन की विपत्तियों, आपत्तियों और कठिनाइयों का सामना कर सकता है। चरित्र किसी व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। दूसरों पर सम्मानपूर्वक और सुंदर जीवन व्यतीत करने के लिए उत्तम चरित्र का होना आवश्यक है। जीवन को सुख-शांति तथा आनंद से भरपूर बनाने के लिए मनुष्य को निरंतर सच्चरित्र बनने का प्रयास करना चाहिए। जितना अधिक गहरा प्रभाव चरित्र का पड़ता है उतना अन्य किसी गुण का नहीं पड़ता। दुश्चरित्र समाज का कोढ़ है, मानवता का कलंक है। सच्चरित्र ही सफलता की कुंजी है। सच्चरित्रता के अभाव में केवल बौद्धिक ज्ञान सुगंधित शव के समान है।
-
(i) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर: चरित्र-बल का महत्व / सच्चरित्रता का महत्व -
(ii) मनुष्य का सर्वोत्तम गुण क्या है?
उत्तर: मनुष्य का सर्वोत्तम गुण चरित्र-बल है। -
(iii) चरित्र की शक्ति से मनुष्य क्या-क्या कर सकता है?
उत्तर: चरित्र की शक्ति से मनुष्य अपने जीवन की विपत्तियों, आपत्तियों और कठिनाइयों का सामना कर सकता है। -
(iv) उत्तम चरित्र का होना किस लिए आवश्यक है?
उत्तर: दूसरों पर सम्मानपूर्वक और सुंदर जीवन व्यतीत करने के लिए उत्तम चरित्र का होना आवश्यक है। -
(v) मनुष्य को सच्चरित्र बनने का प्रयास क्यों करना चाहिए?
उत्तर: जीवन को सुख-शांति तथा आनंद से भरपूर बनाने के लिए मनुष्य को निरंतर सच्चरित्र बनने का प्रयास करना चाहिए। -
(vi) सच्चरित्रता के अभाव में केवल बौद्धिक ज्ञान किसके समान होता है?
उत्तर: सच्चरित्रता के अभाव में केवल बौद्धिक ज्ञान सुगंधित शव के समान होता है।
अपठित पद्यांश
मेरो मन अनत कहाँ सुख पावै?
जैसे उड़ि जहाज कौ पंछी फिरि जहाज पर आवै ॥
कमल-नेन कौ छाँड़ि महातम, और देव को ध्यावै |
परम गंग को तजि मराल, खारे नीर नहावै ॥
जिहि मधुकर अंबुज-सरस चाख्यौ, क्यों करै फल खट्टे को रस लावै ॥
-
(i) उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर: मन की चंचलता / ईश्वर में मन लगाने की प्रेरणा -
(ii) जहाज का पंछी उड़कर कहाँ जाता है?
उत्तर: जहाज का पंछी उड़कर कहीं और चला जाता है, परंतु अंत में वापस अपने जहाज पर ही आ जाता है।
i) गंगा के जल को छोड़कर कुँआ खुदवाने वाले व्यक्ति को कवि ने क्या कहा है?
कवि ने ऐसे व्यक्ति को मूर्ख कहा है, क्योंकि वह सुलभ और पवित्र गंगाजल को छोड़कर कठिनाई से कुआँ खुदवाता है।
ii) करील के फल किसे अच्छे नहीं लगते?
करील के फल कोयल को अच्छे नहीं लगते, क्योंकि कोयल मीठे फलों की आदी होती है।
iii) "मन अनत कहाँ सुख पार्व?" – पंक्ति का भावार्थ लिखिए।
इस पंक्ति का भावार्थ है कि चंचल मन को बाहरी वस्तुओं में सुख नहीं मिलता। सच्चा सुख आत्मिक शांति और संतोष में है, न कि भटकने में।
iv) 'पियासो' शब्द का क्या अर्थ है?
'पियासो' शब्द का अर्थ प्यासा या प्यास से पीड़ित व्यक्ति है।
खण्ड - ब
निम्नलिखित लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए –
प्र.5) समाचार-लिखते समय कितने ककारों को ध्यान में रखा जाता है? परिचय दीजिए।
समाचार लिखते समय पाँच ककारों (5W's) को ध्यान में रखा जाता है: कौन (Who), क्या (What), कहाँ (Where), कब (When), क्यों (Why)। ये समाचार के मूल तत्व हैं जो घटना की पूर्ण जानकारी देते हैं।
प्र.6) “अच्छा तो यह सिल्क ड्रेसिंग गाउन।'' कहते हुए उनकी आँखों में नमी चमक गई। – 'सिल्वर वेडिंग' पाठ के आधार पर उपर्युक्त कथन के भाव को संक्षेप में लिखिए।
यह कथन पति की भावुकता को दर्शाता है। वह अपनी पत्नी द्वारा रजत जयंती पर दिए गए उपहार (सिल्क ड्रेसिंग गाउन) को देखकर अतीत की यादों में खो जाता है। उसकी आँखों में नमी प्रेम, कृतज्ञता और वर्षों के साथ की गहराई को व्यक्त करती है।
प्र.7) पहले दिन ही कक्षा में बैठने पर लेखक का मन खट्टा क्यों हो गया? 'जूझ' पाठ के आधार पर लिखिए।
लेखक का मन खट्टा इसलिए हो गया क्योंकि वह नई कक्षा में अकेला और असहज महसूस कर रहा था। उसे अपने पुराने स्कूल और दोस्तों की याद आ रही थी, और नए वातावरण में ढलने में कठिनाई हो रही थी।
प्र.8) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में रघुवीर सहाय ने किस सामाजिक विडंबना को उभारने का प्रयास किया है?
कवि ने मीडिया और समाज की उस विडंबना को उभारा है जहाँ अपाहिजों की पीड़ा को केवल दर्शकों के मनोरंजन या संवेदना प्रदर्शन का साधन बना दिया जाता है। कैमरे में कैद करके उनकी वास्तविक पीड़ा को अनदेखा किया जाता है।
प्र.9) लुट्टन के सिर पर कसरत की धुन कब सवार हुई? 'पहलवान की ढोलक' पाठ के आधार पर बताइए।
लुट्टन के सिर पर कसरत की धुन तब सवार हुई जब उसने अपने गाँव के पहलवानों को कुश्ती करते और शरीर सुडौल बनाते देखा। उनकी ताकत और कौशल ने उसे प्रेरित किया और वह भी पहलवान बनने का सपना देखने लगा।
खण्ड - स
प्रश्न संख्या 10 से 14 तक के उत्तर 60 से 80 शब्दों में लिखिए –
प्र.10) "जाति-प्रथा को यदि श्रम विभाजन मान लिया जाए, तो यह स्वाभाविक विभाजन नहीं है।" पंक्ति को 'श्रम विभाजन और जाति प्रथा' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
लेखक के अनुसार, जाति प्रथा को श्रम विभाजन मानना गलत है क्योंकि स्वाभाविक श्रम विभाजन व्यक्ति की योग्यता और रुचि पर आधारित होता है, जबकि जाति प्रथा जन्म पर आधारित है। यह एक व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुसार काम करने की स्वतंत्रता नहीं देती, बल्कि उसे पूर्व निर्धारित कार्यों में बाँध देती है। इसलिए यह अप्राकृतिक और अन्यायपूर्ण है।
अथवा
प्र.10) बाज़ार का जादू कैसे काम करता है? – 'बाज़ार दर्शन' पाठ के आधार पर समझाइए।
बाज़ार का जादू विज्ञापन, पैकेजिंग और कृत्रिम आवश्यकताओं के सृजन से काम करता है। यह उपभोक्ता के मन में लालच और असंतोष पैदा करता है, जिससे वह अनावश्यक वस्तुएँ खरीदने लगता है। बाज़ार वस्तुओं को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करके उन्हें इच्छा का विषय बना देता है, जिससे व्यक्ति तर्कहीन खरीदारी करता है।
प्र.11) “यह एक यात्रा है जो चिड़िया, फूल से लेकर बच्चे तक की है।'' – पंक्ति के आधार पर 'कविता के बहाने' कविता की मूल संवेदना लिखिए।
इस पंक्ति में कवि ने कविता को एक सार्वभौमिक यात्रा बताया है जो प्रकृति के छोटे-छोटे तत्वों (चिड़िया, फूल) से लेकर मानव जीवन (बच्चे) तक फैली है। कविता की मूल संवेदना यह है कि कविता हर जगह है – वह प्रकृति की सुंदरता, बचपन की मासूमियत और जीवन के हर पहलू को अपने में समेटे हुए है।
अथवा
प्र.11) “किसबी किसान-कुल ........... पेट की ज्वाला” – तुलसीदास जी के अनुसार 'पेट की ज्वाला' का समाधान क्या है? समझाइए।
तुलसीदास जी के अनुसार, 'पेट की ज्वाला' (भूख) का समाधान ईमानदारी से किया गया श्रम है। वे कहते हैं कि किसान, कारीगर और अन्य श्रमिक अपनी मेहनत से पेट भरते हैं, जो सबसे बड़ा धर्म है। भिखारी या आलसी व्यक्ति की तुलना में श्रम करने वाला अधिक सम्माननीय है, क्योंकि श्रम ही भूख की आग को शांत करने का एकमात्र सच्चा उपाय है।
प्रश्न 2
प्र.2) किशनदा के दिल्ली से चले जाने के बाद यशोधर बाबू ने किशनदा की किन परंपराओं को जीवित रखने की कोशिश की? [3]
अथवा
मुअनजो-दड़ो की गलियों में घूमते हुए लेखक को अनचाहे ही राजस्थान का ख्याल क्यों आया? 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के आधार पर लिखिए।
उत्तर (प्रथम विकल्प): किशनदा के दिल्ली चले जाने के बाद यशोधर बाबू ने उनकी निम्नलिखित परंपराओं को जीवित रखने की कोशिश की:
- सुबह-सुबह चाय बनाने और सबको पिलाने की परंपरा।
- घर में आने वाले मेहमानों का आदर-सत्कार करना।
- पड़ोसियों और मित्रों के साथ मिलजुल कर रहने की भावना।
उत्तर (द्वितीय विकल्प): 'अतीत में दबे पाँव' पाठ के अनुसार, मुअनजो-दड़ो की गलियों में घूमते हुए लेखक को अनचाहे ही राजस्थान का ख्याल इसलिए आया क्योंकि वहाँ की संकरी गलियाँ, मकानों की बनावट और वातावरण राजस्थान के प्राचीन किलों और हवेलियों की याद दिलाते थे। दोनों स्थानों की स्थापत्य कला में समानता थी।
प्रश्न 3
प्र.3) हरिवंश राय बच्चन अथवा धर्मवीर भारती का साहित्यिक परिचय लिखिए। [3]
उत्तर (हरिवंश राय बच्चन): हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। उनका जन्म 27 नवंबर 1907 को इलाहाबाद में हुआ। वे हिंदी साहित्य की छायावादी धारा के प्रमुख कवियों में से एक हैं। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में 'मधुशाला', 'मधुबाला', 'मधुकलश' और 'निशा निमंत्रण' शामिल हैं। उनकी कविताओं में जीवन, प्रेम, दर्शन और रहस्यवाद का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण जैसे सम्मानों से नवाजा गया।
उत्तर (धर्मवीर भारती): धर्मवीर भारती हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार थे। उनका जन्म 25 दिसंबर 1926 को इलाहाबाद में हुआ। वे प्रयोगवादी और नई कविता धारा के प्रमुख हस्ताक्षर हैं। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में उपन्यास 'गुनाहों का देवता', कविता संग्रह 'ठंडा लोहा' और 'सात गीत वर्ष' तथा निबंध संग्रह 'ठेले पर हिमालय' शामिल हैं। उनकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक यथार्थ और दार्शनिक चिंतन का सुंदर मिश्रण मिलता है।
प्रश्न 4
प्र.(4) फ़ीचर कितने प्रकार के होते हैं? समझाइए। [3]
अथवा
सूचनाओं के प्रमुख स्रोत कौन से हैं? लिखिए।
उत्तर (प्रथम विकल्प): फ़ीचर मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं:
- समाचार फ़ीचर: यह किसी घटना या समाचार को पृष्ठभूमि और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करता है।
- व्यक्ति-केंद्रित फ़ीचर: इसमें किसी व्यक्ति विशेष के जीवन, उपलब्धियों या अनुभवों पर प्रकाश डाला जाता है।
- यात्रा फ़ीचर: यह किसी स्थान की यात्रा के अनुभवों और वहाँ की संस्कृति का वर्णन करता है।
- विशेष रुचि फ़ीचर: यह किसी विशेष विषय जैसे खेल, कला, विज्ञान या मनोरंजन पर केंद्रित होता है।
उत्तर (द्वितीय विकल्प): सूचनाओं के प्रमुख स्रोत निम्नलिखित हैं:
- समाचार पत्र और पत्रिकाएँ
- रेडियो और टेलीविजन
- इंटरनेट और सोशल मीडिया
- पुस्तकें और संदर्भ ग्रंथ
- सरकारी प्रकाशन और रिपोर्ट
- प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों से साक्षात्कार
प्रश्न 5
प्र.5) निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए - [6]
उहाँ राम लछिमनहि निहारी | बोले बचन मनुज अनुसारी ||
राति अग कपि नहिं आयउ | राम उठाइ अनुज उर लायऊ ||
सकहु न दुखित देखि मोहि काऊ | बंधु सदा तव मृदुल सुभाऊ |
मम हित लागी तजेहु फग माता | सहेहु बिपिन हिम आतप बाता ||
अथवा
जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास
पृथ्वी घूमती हुई आती है उनके बेचैन पैरों के पास
जब वे दौड़ते हैं बेसुध
छतों को थाप बनाते हुए
दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
जब वे पेंग भरते हुए चले आते हैं
डाल की तरह लचीले वेग से अकसर
छतों के खतरनाक किनारों तक -
उस समय गिरने से बचाता है उन्हें
सिर्फ उनके ही रोमांचित शरीर का संगीत
उत्तर (प्रथम विकल्प - सप्रसंग व्याख्या):
संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 'रामचरितमानस' के अरण्यकांड से लिया गया है। इसमें भगवान राम अपने छोटे भाई लक्ष्मण से वन में हुए घटनाक्रम के बारे में बात कर रहे हैं।
प्रसंग: जब रावण सीता का हरण करके ले गया, तब राम और लक्ष्मण उन्हें खोजते हुए वन में भटक रहे थे। रात्रि में जब सुग्रीव का भेजा हुआ हनुमान नहीं आया, तो राम चिंतित हो गए। वे लक्ष्मण से कहते हैं कि तुम मेरे दुख को देखकर दुखी मत होना, क्योंकि तुम स्वभाव से कोमल हो। तुमने मेरे हित के लिए माता को छोड़ दिया और वन की कठिनाइयों को सहन किया।
व्याख्या: इस पद्यांश में राम लक्ष्मण के प्रति अपने प्रेम और कृतज्ञता को व्यक्त करते हैं। वे कहते हैं कि जब उन्होंने लक्ष्मण की ओर देखा, तो मानवीय भावनाओं से युक्त वचन बोले। राम ने कहा कि रात बीत गई लेकिन कोई वानर नहीं आया, इसलिए उन्होंने लक्ष्मण को उठाकर अपने हृदय से लगा लिया। वे लक्ष्मण से कहते हैं कि मुझे दुखी देखकर तुम दुखी मत होना, क्योंकि तुम्हारा स्वभाव सदा से कोमल रहा है। तुमने मेरे हित के लिए माता को त्याग दिया और वन की ठंड, धूप और हवा को सहन किया। यह पद्यांश भाईचारे और त्याग की भावना को दर्शाता है।
उत्तर (द्वितीय विकल्प - सप्रसंग व्याख्या):
संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश हिंदी कवि मुक्तिबोध की कविता से लिया गया है। इसमें बच्चों की चंचलता और उनके खेलने के तरीके का वर्णन किया गया है।
प्रसंग: कवि बच्चों के जन्मजात गुणों और उनकी सक्रियता का चित्रण कर रहे हैं। बच्चे जन्म से ही चंचल और ऊर्जावान होते हैं, और वे अपने खेल में इतने मग्न हो जाते हैं कि उन्हें खतरे का अहसास नहीं होता।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि बच्चे जन्म से ही अपने साथ कोमलता (कपास) लाते हैं। वे इतने तेज दौड़ते हैं कि पृथ्वी उनके पैरों के पास घूमती हुई आती है। जब वे बेसुध होकर दौड़ते हैं, तो छतों को थाप की तरह बजाते हैं और दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए लगते हैं। जब वे पेंग भरते हुए डाल की तरह लचीले वेग से छतों के खतरनाक किनारों तक पहुँचते हैं, तो उस समय उन्हें गिरने से बचाता है सिर्फ उनके रोमांचित शरीर का संगीत। यह पद्यांश बच्चों की निर्भीकता, चंचलता और उनके शरीर की स्वाभाविक क्षमता को दर्शाता है।
प्र. 9 (6) निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए
गद्यांश: अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी। निस्तब्धता करुण सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में ही दबाने की चेष्टा कर रही थी। आकाश में तारे चमक रहे थे। पृथ्वी पर कहीं प्रकाश का नाम नहीं। आकाश से टूटकर यदि कोई भावुक तारा पृथ्वी पर जाना भी चाहता तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही शेष हो जाती थी। अन्य तारे उसकी भावुकता अथवा असफलता पर खिलखिलाकर हँस पड़ते थे।
सप्रसंग व्याख्या:
संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित एक कहानी से लिया गया है। इसमें लेखक ने रात्रि के दृश्य के माध्यम से मानवीय भावनाओं और समाज की क्रूरता का चित्रण किया है।
व्याख्या: लेखक कहता है कि अँधेरी रात चुपचाप आँसू बहा रही थी, अर्थात् चारों ओर शोक और पीड़ा का वातावरण है। निस्तब्धता (शांति) करुण सिसकियों और आहों को बलपूर्वक अपने हृदय में दबाने का प्रयास कर रही थी, यानी दुख को छिपाने की कोशिश हो रही है। आकाश में तारे चमक रहे थे, लेकिन पृथ्वी पर कहीं प्रकाश नहीं था। यह विरोधाभास दर्शाता है कि ऊपर की दुनिया में चमक है, पर नीचे अंधकार और दुख है। यदि कोई भावुक तारा आकाश से टूटकर पृथ्वी पर आना चाहता, तो उसकी ज्योति और शक्ति रास्ते में ही समाप्त हो जाती। अन्य तारे उसकी भावुकता या असफलता पर हँसते थे। इसके माध्यम से लेखक समाज की उस प्रवृत्ति को उजागर करता है जहाँ अच्छे इरादों वाले लोगों का उत्साह टूट जाता है और दूसरे उनका मजाक उड़ाते हैं।
प्र. 7 निदेशक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली द्वारा बिजली उपकरणों की आपूर्ति हेतु निर्धारित प्रारूप में एक निविदा लिखिए
निविदा सूचना
निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली
दिनांक: [तिथि]
विषय: बिजली उपकरणों की आपूर्ति हेतु निविदा आमंत्रण
निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली द्वारा संस्थान के विभिन्न विभागों हेतु निम्नलिखित बिजली उपकरणों की आपूर्ति के लिए पंजीकृत फर्मों/विक्रेताओं से सीलबंद निविदाएँ आमंत्रित की जाती हैं:
| क्र. सं. | उपकरण का नाम | मात्रा | विशिष्टता |
|---|---|---|---|
| 1 | एलईडी बल्ब (9W) | 500 | BIS प्रमाणित |
| 2 | पंखा (सीलिंग फैन) | 200 | 1400mm, ISI मार्क |
| 3 | वायर (1.5 sq mm) | 1000 मीटर | ताँबा, FR |
निविदा जमा करने की अंतिम तिथि: [तिथि] तक दोपहर 3:00 बजे तक
निविदा खोलने की तिथि: उसी दिन दोपहर 3:30 बजे
निविदा के साथ आवश्यक दस्तावेज (GST पंजीयन, टर्नओवर प्रमाणपत्र, आदि) संलग्न करना अनिवार्य है। विस्तृत निविदा प्रपत्र कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
निदेशक
AIIMS, दिल्ली
अथवा
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश द्वारा पुस्तक विक्रेताओं को बोर्ड कार्यालय, इलाहाबाद में पंजीयन करवाने हेतु विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद
पुस्तक विक्रेताओं के पंजीयन हेतु सूचना
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश द्वारा बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों की बिक्री हेतु पुस्तक विक्रेताओं का पंजीयन किया जाना है। इच्छुक पुस्तक विक्रेता निम्नलिखित शर्तों के अनुसार बोर्ड कार्यालय, इलाहाबाद में पंजीयन करवा सकते हैं:
- आवेदक के पास वैध व्यापार पंजीयन और GST प्रमाणपत्र होना चाहिए।
- पिछले तीन वर्षों का टर्नओवर प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।
- पंजीयन शुल्क ₹1000 (अवाप्तीय) जमा करना होगा।
- आवेदन पत्र बोर्ड कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है या वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
- अंतिम तिथि: [तिथि] तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए बोर्ड कार्यालय से संपर्क करें।
सचिव
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद
प्र. 8 निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 300 शब्दों में एक निबंध लिखिए
(1) वैवाहिक उत्सवों में बढ़ता दिखावा
प्रस्तावना: विवाह भारतीय संस्कृति में एक पवित्र बंधन है, लेकिन आजकल यह दिखावे का मैदान बन गया है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सामाजिक दबाव के कारण लोग अपनी हैसियत से अधिक खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं।
दिखावे के कारण: समाज में अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने की होड़, फिल्मों और मीडिया का प्रभाव, तथा रिश्तेदारों की अपेक्षाएँ इस दिखावे को बढ़ावा देती हैं। लोग महँगे होटलों, भव्य सजावट, और आतिशबाजी पर लाखों रुपये खर्च करते हैं।
दुष्परिणाम: इस दिखावे से आर्थिक तनाव बढ़ता है, कर्ज का बोझ बढ़ता है, और कई बार तो विवाह टूटने की नौबत आ जाती है। इसके अलावा, पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जैसे ध्वनि प्रदूषण और कचरे का ढेर।
समाधान: हमें सादगी और संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए। परिवार के साथ मिलकर छोटे स्तर पर विवाह करना चाहिए। सरकार को भी दिखावे पर नियंत्रण के लिए नियम बनाने चाहिए।
उपसंहार: विवाह का उद्देश्य दो आत्माओं का मिलन है, न कि धन का प्रदर्शन। हमें अपनी संस्कृति के मूल्यों को समझना चाहिए और दिखावे से बचना चाहिए।
(2) हमारे बुजुर्ग – हमारी धरोहर
प्रस्तावना: बुजुर्ग हमारे जीवन के वे अनमोल रत्न हैं जो अनुभव और ज्ञान का खजाना लिए होते हैं। वे हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षक हैं।
बुजुर्गों का महत्व: वे हमें जीवन के सही मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। उनके अनुभव से हम गलतियों से बच सकते हैं। वे परिवार में एकता और प्रेम का केंद्र होते हैं।
आज की स्थिति: दुर्भाग्य से आधुनिक जीवनशैली में बुजुर्गों को उपेक्षित किया जा रहा है। बच्चे उन्हें वृद्धाश्रम भेज रहे हैं या उनकी बातों को अनसुना कर रहे हैं।
समाधान: हमें बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए, उनके साथ समय बिताना चाहिए, और उनकी सलाह को महत्व देना चाहिए। सरकार को भी उनके कल्याण के लिए योजनाएँ बनानी चाहिए।
उपसंहार: बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं, उन्हें संजोना हमारा कर्तव्य है। उनके बिना हमारा जीवन अधूरा है।
(3) मेरा पहला शैक्षणिक भ्रमण
प्रस्तावना: शैक्षणिक भ्रमण पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेरा पहला शैक्षणिक भ्रमण कक्षा 10 में हुआ था, जब हम आगरा के ऐतिहासिक स्थलों को देखने गए थे।
यात्रा का विवरण: हम स्कूल बस से सुबह 6 बजे रवाना हुए। पहले हम ताजमहल गए, जहाँ हमने इसकी सुंदरता और इतिहास के बारे में जाना। फिर हम आगरा किला गए, जहाँ हमने मुगल वास्तुकला को देखा। दोपहर में हमने