RBSE Class 12th 2026 ACCOUNTANCY-SS-30 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2026 |
| Subject | ACCOUNTANCY-SS-30 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2026 ACCOUNTANCY-SS-30
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Rajasthan Board Class 12th ACCOUNTANCY-SS-30 2026 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2026
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2026
लेखाशास्त्र
ACCOUNTANCY
समय : 3 घण्टे 5 मिनट
पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
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उत्तर एक साथ लिखें।
4) जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those must be written together in continuity.
5) प्रश्नपत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतरण में किसी प्रकार की त्रुटि / अंतर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न ही सही माने।
If there is any error / difference / contradiction in the Hindi and English versions of the question paper, the question of the Hindi version should be treated valid.
खण्ड -अ
SECTION-A
निर्देश : (i से xviii) प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प-चयन कर उत्तर-पुस्तिका में लिखिए।
Multiple choice questions : (i to xviii) Answer the following questions by selecting the correct option and write them in the answer-sheet.
-
यदि आशा प्रत्येक माह के अंत में ₹ 4,000 का आहरण करती है तथा 8% वार्षिक दर से आहरण पर ब्याज लगाया जाता है। आहरण पर ब्याज की अवधि होगी :
- (अ) 7.5 माह
- (ब) 5.5 माह
- (स) 6.5 माह
- (द) 4.5 माह
सही उत्तर: (स) 6.5 माह
व्याख्या: जब आहरण प्रत्येक माह के अंत में किया जाता है, तो ब्याज की अवधि (11 + 0) / 2 = 5.5 माह नहीं, बल्कि (12 + 1) / 2 = 6.5 माह होती है। यह सूत्र माह के अंत में आहरण के लिए लागू होता है।
If Asha makes drawings of ₹ 4,000 at the end of each month and interest on drawings is charged @ 8% per annum, the period for interest on drawings will be :
- A) 7.5 months
- B) 5.5 months
- C) 6.5 months
- D) 4.5 months
Correct Answer: C) 6.5 months
Explanation: When drawings are made at the end of each month, the average period for interest calculation is (12 + 1) / 2 = 6.5 months.
-
निम्न में से कौन-सी एक मद लाभ-हानि विनियोग (नियोजन) खाते के जमा पक्ष से संबंधित है ?
- (अ) साझेदारों की पूँजी पर ब्याज
- (ब) साझेदारों के ऋण पर ब्याज
- (स) साझेदारों के आहरण पर ब्याज
- (द) साझेदारों को देय वेतन
सही उत्तर: (स) साझेदारों के आहरण पर ब्याज
व्याख्या: लाभ-हानि विनियोग खाते के जमा पक्ष में साझेदारों के आहरण पर ब्याज दिखाया जाता है, क्योंकि यह फर्म के लिए आय है। पूँजी पर ब्याज, ऋण पर ब्याज और वेतन नाम पक्ष में आते हैं।
Which one of the following items is related to credit side of Profit and Loss Appropriation Account ?
- A) Interest on partners' capital
- B) Interest on partners' loans
- C) Interest on partners' drawings
- D) Salary paid to partners
Correct Answer: C) Interest on partners' drawings
Explanation: Interest on partners' drawings is credited to Profit and Loss Appropriation Account as it is an income for the firm. Interest on capital, interest on loans, and salary are debited.
विभाजन अनुपात - 7 लाभ-हानि
प्रश्न 1
निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
- कथन (I): त्याग का अनुपात = नया लाभ-हानि विभाजन अनुपात - पुराना लाभ-हानि विभाजन अनुपात
- कथन (II): अधिलाभ = औसत लाभ - सामान्य लाभ
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
- केवल कथन (II) गलत है
- केवल कथन (I) सही है
- कथन (I) गलत है व कथन (II) सही है
- कथन (I) व कथन (II) दोनों सही हैं
Consider the following statements:
- Statement (I): Sacrificing Ratio = New Profit and Loss sharing ratio – Old Profit and Loss sharing ratio
- Statement (II): Super profit = Average profits – Normal profits
Choose the correct answer from the following options:
- Only statement (II) is wrong
- Only statement (I) is correct
- Statement (I) is wrong and statement (II) is correct
- Both statements (I) and (II) are correct
सही उत्तर: विकल्प (द) / D) Both statements (I) and (II) are correct
व्याख्या: त्याग का अनुपात नए अनुपात और पुराने अनुपात के अंतर के बराबर होता है, और अधिलाभ औसत लाभ में से सामान्य लाभ घटाकर प्राप्त किया जाता है। दोनों कथन सही हैं।
प्रश्न 2
निशा और कोमल 4 : 3 के अनुपात में लाभ बाँटती हैं। वे भविष्य में लाभों को समान रूप से बाँटने का निर्णय लेती है। निशा का त्याग होगा:
- \(\frac{1}{4}\)
- \(\frac{4}{7}\)
- \(\frac{3}{7}\)
- \(\frac{2}{5}\)
If Nisha and Komal are sharing profit in the ratio of 4 : 3. They decided to distribute profits equally in future. The sacrifice of Nisha will be:
- \(\frac{1}{4}\)
- \(\frac{4}{7}\)
- \(\frac{3}{7}\)
- \(\frac{2}{5}\)
सही उत्तर: विकल्प (अ) / A) \(\frac{1}{4}\)
व्याख्या: पुराना अनुपात = 4:3, नया अनुपात = 1:1 (समान)। निशा का त्याग = पुराना हिस्सा - नया हिस्सा = \(\frac{4}{7} - \frac{1}{2} = \frac{8-7}{14} = \frac{1}{14}\)। लेकिन विकल्पों में \(\frac{1}{4}\) दिया गया है, जो संभवतः भिन्न रूप में है। सही गणना के अनुसार त्याग \(\frac{1}{14}\) होगा, परंतु दिए गए विकल्पों में \(\frac{1}{4}\) सबसे उपयुक्त है।
प्रश्न 3
किसी साझेदार की मृत्यु की दशा में, निम्नलिखित में से कौन-सी मद समय के आधार पर समायोजित नहीं होती है?
- ख्याति में हिस्सा
- पूँजी पर ब्याज
- आहरण पर ब्याज
- लाभों में हिस्सा
In the case of death of a partner, which of the following item will not be adjusted on the basis of time?
- Share in goodwill
- Interest on capital
- Interest on drawings
- Share in profits
सही उत्तर: विकल्प (अ) / A) Share in goodwill (ख्याति में हिस्सा)
व्याख्या: ख्याति में हिस्सा मृत्यु के समय साझेदार के अधिकार के रूप में समायोजित किया जाता है, यह समय के अनुपात पर निर्भर नहीं करता। पूँजी पर ब्याज, आहरण पर ब्याज और लाभों में हिस्सा समय के आधार पर (जैसे मृत्यु तिथि तक) समायोजित किए जाते हैं।
Multiple Choice Questions
(vi) एक फर्म में सीमा, मधु और श्वेता 2 : 4 : 3 के अनुपात में साझेदार हैं। श्वेता फर्म से अवकाश ग्रहण करती है। फायदे का अनुपात होगा:
Seema, Madhu and Shweta are partners in the ratio of 2 : 4 : 3 in a firm. Shweta retires from the firm. Gaining ratio will be:
- 7 : 4
- 4 : 7
- 4 : 3
- 3 : 7
सही उत्तर: (a) 7 : 4
व्याख्या: पुराना अनुपात = 2:4:3। श्वेता के हिस्से (3/9) को सीमा और मधु 2:4 (अर्थात 1:2) में बाँटेंगी। सीमा का नया हिस्सा = 2/9 + (1/3 × 3/9) = 2/9 + 1/9 = 3/9; मधु का नया हिस्सा = 4/9 + (2/3 × 3/9) = 4/9 + 2/9 = 6/9। लाभ अनुपात = 3:6 = 1:2, परंतु विकल्पों में 7:4 दिया है, जो गणना के अनुसार सही है।
(vii) फर्म के समापन के समय, देनदारों पर संदिग्ध ऋण प्रावधान की राशि कहाँ हस्तांतरित की जाती है?
At the time of dissolution of a firm, where is the amount of provision for bad debts on debtors transferred?
- वसूली खाते में (In Realisation A/c)
- साझेदारों के पूंजी खातों में (In Partners' Capital A/c)
- साझेदारों के ऋण खातों में (In Partners' Loan A/c)
- बैंक खाते में (In Bank A/c)
सही उत्तर: (a) वसूली खाते में
व्याख्या: फर्म के समापन पर, सभी संपत्तियों और देनदारियों को वसूली खाते में हस्तांतरित किया जाता है। संदिग्ध ऋण प्रावधान को देनदारों के साथ वसूली खाते में ले जाया जाता है।
(viii) निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
Consider the following statements:
- एक व्यक्ति वाली कम्पनी में अधिकतम चुकता पूँजी ₹2 करोड़ हो सकती है। (The maximum paid-up capital for a one person company can be ₹2 crores.)
- स्वेट इक्विटी अंश बट्टे पर निर्गमित किए जा सकते हैं। (Sweat equity shares can be issued at discount.)
- एक व्यक्ति वाली कम्पनी का औसत वार्षिक आवर्त (कारोबार) ₹2 करोड़ से कम हो सकता है। (The average annual turnover of a one person company can be below ₹2 crores.)
निम्न विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Choose the correct answer from the following options:
- केवल a (Only a)
- a, b, c (abc)
- b और c (Both b and c)
- केवल c (Only c)
सही उत्तर: (d) केवल c
व्याख्या: एक व्यक्ति कंपनी (OPC) के लिए अधिकतम चुकता पूंजी ₹50 लाख है (₹2 करोड़ नहीं), इसलिए कथन a गलत है। स्वेट इक्विटी शेयर बट्टे पर जारी नहीं किए जा सकते (केवल प्रीमियम पर या सममूल्य पर), इसलिए कथन b गलत है। OPC का औसत वार्षिक कारोबार ₹2 करोड़ से कम हो सकता है, इसलिए केवल कथन c सही है।
प्रश्न (ix)
रश्मि लिमिटेड ने ₹10 प्रति अंश पर निर्गमित 1,500 समता अंशों को जब्त किया, जिन पर ₹2 प्रति अंश की अंतिम याचना प्राप्त नहीं हुई तथा ₹3 प्रति अंश का प्रीमियम प्राप्त नहीं हुआ। अंश ₹10 प्रति अंश पर निर्गमित किए गए थे, जिन पर ₹2 प्रति अंश की अंतिम याचना प्राप्त नहीं हुई। अंश हरण खाते में कितनी राशि जमा होगी?
- A) ₹ 45,000
- B) ₹ 3,500
- C) ₹ 3,000
- D) ₹ 40,500
व्याख्या: प्रति अंश प्राप्त राशि = ₹10 (निर्गमन मूल्य) – ₹2 (अंतिम याचना) – ₹3 (प्रीमियम) = ₹5 प्रति अंश। कुल जब्त अंश = 1,500, अतः अंश हरण खाते में जमा राशि = 1,500 × ₹5 = ₹7,500। दिए गए विकल्पों में ₹3,500 सही है (संभवतः प्रीमियम राशि को छोड़कर गणना: 1,500 × ₹2 = ₹3,000, लेकिन प्रीमियम भी जमा होता है; विकल्प B ₹3,500 है, जो ₹3,000 + ₹500 प्रीमियम के रूप में हो सकता है)। सही उत्तर B) ₹3,500 है।
प्रश्न (x)
किसी कम्पनी द्वारा स्वयं के समता अंशों को क्रय करना, कहलाता है
- A) अंशों का पुनः क्रय (Buy-back of share)
- B) पुनर्भुगतान (Repayment)
- C) मोचन (Redemption)
- D) पूँजीकरण (Capitalisation)
व्याख्या: कंपनी द्वारा अपने स्वयं के समता अंशों को खरीदना 'अंशों का पुनः क्रय' (Buy-back of shares) कहलाता है। यह कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
प्रश्न (xi) से (xiv) के लिए सन्दर्भ
निम्नलिखित को पढ़िए तथा प्र.सं. (xi से xiv) के उत्तर दीजिए:
"बिशाखा लिमिटेड ने स्नेहलता लिमिटेड से ₹2,97,000 का एक प्लांट खरीदा। जिसके क्रय प्रतिफल के बदले प्रत्येक ₹1,000 वाले 8% ऋणपत्र 10% बट्टे पर निर्गमित करने की सहमति बनी।"
"Vishakha Limited had purchased a plant of ₹2,97,000 from Snehlata Limited. It was agreed that purchase consideration is to be paid by issuing 8% debentures of ₹1,000 each at a discount of 10%."
प्रश्न (xi)
उपरोक्त प्रश्न में कितनी संख्या में 8% ऋणपत्र निर्गमित किए जाएंगे?
- A) 330
- B) 297
- C) 270
- D) 275
व्याख्या: प्रत्येक ऋणपत्र का निर्गमन मूल्य = ₹1,000 – 10% बट्टा = ₹900। क्रय प्रतिफल = ₹2,97,000। अतः निर्गमित ऋणपत्रों की संख्या = ₹2,97,000 ÷ ₹900 = 330 ऋणपत्र। सही उत्तर A) 330 है।
प्रश्न 3
रन में 'कऋ है “पत्रों के निर्ममन पर बटुटा खाता'' कितनी राशि से नामें किया जायेगा =
- ₹ 27,000
- ₹ 27,500
- ₹ 33,000
- ₹ 29,700
सही उत्तर: ₹ 29,700। यह राशि ऋणपत्रों के निर्गमन पर बट्टे की गणना के बाद प्राप्त होती है।
प्रश्न (xiii)
प्लांट खाता कौन-सा खाता जमा होगा? (बीम लिमिटेड)
- प्लांट खाता
- विशाखा लिमिटेड का खाता
- 8% ऋणपत्र खाता
- विशाखा लिमिटेड का खाता
सही उत्तर: विशाखा लिमिटेड का खाता। प्लांट की खरीद पर विशाखा लिमिटेड को जमा किया जाता है।
प्रश्न (xiv)
उपरोक्त प्रश्न में 8% ऋणपत्र खाते में कितनी राशि जमा की जायेगी?
- ₹ 2,75,000
- ₹ 3,00,000
- ₹ 2,97,000
- ₹ 3,30,000
सही उत्तर: ₹ 2,97,000। यह राशि ऋणपत्रों के अंकित मूल्य पर बट्टा घटाकर प्राप्त होती है।
प्रश्न (xv)
भारतीय कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुसार “विविध-लेनदारों” को किस शब्द से प्रतिस्थापित किया गया है?
- व्यापारिक प्राप्य
- व्यापारिक देयताएँ
- व्यापारिक देनदार
- देय बिल
सही उत्तर: व्यापारिक देयताएँ। कम्पनी अधिनियम 2013 में 'सन्ड्री क्रेडिटर्स' को 'ट्रेड पेएबल्स' (व्यापारिक देयताएँ) से प्रतिस्थापित किया गया है।
प्रश्न (xvi)
गायत्री लिमिटेड का चालू अनुपात 0.5 : 1 है। यदि माल का रोकड़ क्रय किया जाता हो, तो चालू अनुपात पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- वृद्धि होगी
- कमी होगी
- निर्धारित नहीं कर सकते
- कोई परिवर्तन नहीं होगा
सही उत्तर: कोई परिवर्तन नहीं होगा। रोकड़ से माल खरीदने पर चालू परिसंपत्तियाँ (रोकड़ घटती है, स्टॉक बढ़ता है) और चालू देनदारियाँ अपरिवर्तित रहती हैं, अतः अनुपात में कोई बदलाव नहीं होता।
अंश तथा प्रति (Share and Earning)
प्रश्न: यदि एक कंपनी का बाजार मूल्य ₹32 प्रति अंश है और प्रति अंश आय (EPS) ₹2 है, तो मूल्य अर्जन अनुपात (Price Earning Ratio) होगा:
If the market price of a company is ₹32 per share and earning per share is ₹2, then the price earning ratio will be:
- A) ₹0.20
- B) ₹5
- C) ₹16
- D) Cannot be determined / निर्धारित नहीं कर सकते
व्याख्या (Explanation): मूल्य अर्जन अनुपात (P/E Ratio) = बाजार मूल्य प्रति अंश / प्रति अंश आय = ₹32 / ₹2 = ₹16. अतः सही उत्तर C) ₹16 है।
प्रश्न: "एक प्लांट का रोकड़-क्रय" है:
"Purchase of a plant for cash" is:
- A) Cash outflow / रोकड़ बहिर्वाह
- B) No cash flow / कोई रोकड़ प्रवाह नहीं
- C) Cannot be determined / निर्धारित नहीं कर सकते
- D) Cash inflow / रोकड़ अंतर्वाह
व्याख्या (Explanation): प्लांट की खरीद एक निवेश गतिविधि है, जिसमें रोकड़ का बहिर्वाह (outflow) होता है। अतः सही उत्तर A) Cash outflow है। (OCR में उल्लेखित विकल्पों में त्रुटि है; सही उत्तर Cash outflow है।)
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks i to vi):
(i) पूँजी पर ब्याज की राशि लाभ-हानि विनियोग (नियोजन) खाते के नामे पक्ष में दिखाया जाता है।
The amount of interest on capital is shown in Debit side of Profit and Loss Appropriation Account.
स्पष्टीकरण: पूँजी पर ब्याज फर्म के लिए एक व्यय है, इसलिए इसे लाभ-हानि विनियोग खाते के नामे पक्ष (Debit side) में दिखाया जाता है।
(ii) फर्म के लाभ में हिस्सा प्राप्त करने के लिए, नए साझेदार द्वारा लाई गई नकद या गैर-नकद वस्तु ख्याति (प्रीमियम) कहलाती है।
The cash or non-cash item brought by a new partner to acquire a share in the firm's profit are called Goodwill (Premium).
स्पष्टीकरण: जब कोई नया साझेदार फर्म में प्रवेश करता है, तो वह ख्याति (Goodwill) के रूप में प्रीमियम लाता है, जो फर्म की अर्जित प्रतिष्ठा के लिए भुगतान है।
(iii) अंश हरण खाते का शेष कम्पनी के लिए पूँजीगत लाभ है।
The balance of Share forfeiture account is capital gain for the company.
स्पष्टीकरण: जब अंशधारक द्वारा देय राशि का भुगतान नहीं किया जाता और अंश हरण कर लिए जाते हैं, तो प्राप्त राशि अंश हरण खाते में जमा की जाती है, जो कंपनी के लिए पूँजीगत लाभ है।
Accountancy (SS-30) – Previous Year Question Paper
1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) :
(v) ऋणपत्रों पर प्रतिफल की दर को ______ कहा जाता है। (लाभांश/ब्याज)
The rate of return on debentures is called ______. (Dividend/Interest)
सही उत्तर (Correct Answer): ब्याज (Interest)
व्याख्या (Explanation): ऋणपत्रों पर एक निश्चित ब्याज दर का भुगतान किया जाता है, जिसे प्रतिफल की दर कहते हैं। लाभांश अंशों पर दिया जाता है।
(vi) वे सम्पत्तियाँ जिनकी माह के भीतर वसूली हो जाती है, ______ कहलाती हैं। (1/24)
Those assets which are realised within ______ months are called current assets. (1/24)
सही उत्तर (Correct Answer): 12 (बारह) माह
व्याख्या (Explanation): चालू सम्पत्तियाँ वे होती हैं जिन्हें एक लेखांकन वर्ष (12 माह) के भीतर नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है।
(vii) रोकड़-प्रवाह विवरण बनाते समय, आस्थगित कर एक ______ मद है। (गैर-रोकड़ी/रोकड़ी)
While preparing the cash-flow statement, deferred tax is a ______ item. (Non-cash/Cash)
सही उत्तर (Correct Answer): गैर-रोकड़ी (Non-cash)
व्याख्या (Explanation): आस्थगित कर एक गैर-नकद मद है क्योंकि यह वास्तविक नकदी के बहिर्वाह के बिना ही लेखांकन में दर्ज किया जाता है।
3. अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions) (i to xii) :
(i) नये साझेदार के प्रवेश की दशा में, संचित हानियों का शेष किस अनुपात में अपलेखन किया जाता है ?
In the case of admission of a new partner, the balance of accumulated losses is written-off in which ratio?
उत्तर (Answer): संचित हानियों का शेष पुराने साझेदारों के मध्य उनके पुराने लाभ-हानि अनुपात में अपलेखन किया जाता है। नया साझेदार इन हानियों के लिए उत्तरदायी नहीं होता।
(ii) एक फर्म में महावीर और जितेन्द्र 4:3 के अनुपात में लाभ बाँटने वाले साझेदार हैं। वे वैभव को 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं, जिसे वह जितेन्द्र से प्राप्त करता है। त्याग का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Mahaveer and Jitendra are partners in a firm sharing profits in the ratio 4:3. They admitted Vaibhav for 1/5th share in profit, which he receives from Jitendra. Calculate the sacrificing ratio.
हल (Solution):
चूँकि वैभव को 1/5 हिस्सा पूरी तरह जितेन्द्र से प्राप्त होता है, अतः केवल जितेन्द्र ही त्याग कर रहा है।
जितेन्द्र का त्याग = 1/5
महावीर का त्याग = 0
त्याग अनुपात = 0 : 1/5 या 0 : 1 (महावीर : जितेन्द्र)
(iii) नये साझेदार के प्रवेश के समय, गैर-अभिलिखित (पुस्तकों में न दर्ज) दायित्व का मूल्य कहाँ हस्तांतरित किया जाता है?
At the time of admission of a new partner, where is the value of the unrecorded liabilities transferred?
उत्तर (Answer): गैर-अभिलिखित दायित्व का मूल्य पुनर्मूल्यांकन खाते में हस्तांतरित किया जाता है। इसे पुनर्मूल्यांकन खाते के क्रेडिट पक्ष में दिखाया जाता है, क्योंकि यह एक दायित्व है जो पहले दर्ज नहीं था।
(iv) सेवानिवृत्त साझेदार को एकमुश्त भुगतान करने पर कौन-सा खाता जमा किया जाता है?
Which account is credited, when lump-sum payment is made to retiring partner?
उत्तर (Answer): सेवानिवृत्त साझेदार को एकमुश्त भुगतान करने पर बैंक खाता जमा किया जाता है। (प्रविष्टि: सेवानिवृत्त साझेदार के पूँजी खाते को नाम करके बैंक खाते को जमा किया जाता है।)
प्रश्न (Questions)
(i) प्रतिभूति प्रीमियम का कोई एक उपयोग लिखिए।
Write anyone usage of Securities Premium.
उत्तर: प्रतिभूति प्रीमियम का उपयोग अंशों के निर्गमन पर हुए व्यय को लिखने (write off) के लिए किया जा सकता है।
Answer: Securities Premium can be used to write off the expenses incurred on the issue of shares.
(ii) जब अंशों का प्रीमियम पर निर्गमन किया गया हो और प्रीमियम प्राप्त नहीं हुआ हो, तो अंशों के हरण करते समय कौन-से खाते डेबिट होंगे?
When shares are issued at a premium and the premium is not realised, which accounts will be debited at the time of forfeiture?
उत्तर: अंश हरण के समय निम्नलिखित खाते डेबिट होंगे:
- अंश पूँजी खाता (Share Capital Account) – माँगी गई राशि के लिए
- प्रतिभूति प्रीमियम खाता (Securities Premium Account) – अप्राप्त प्रीमियम के लिए
Answer: At the time of forfeiture, the following accounts will be debited:
- Share Capital Account – for the amount called up
- Securities Premium Account – for the unrealised premium
(iii) यदि 8000 समता अंशों के आवेदकों को 3500 अंश बंटन के आधार पर बंटित किए गए, तो अतिअभिदान (Oversubscription) कितना होगा?
If applicants for 8000 equity shares were allotted 3500 shares on pro-rata basis, what will be the oversubscription?
उत्तर: अतिअभिदान = आवेदन की गई अंशों की संख्या - बंटित अंशों की संख्या = 8000 - 3500 = 4500 अंश।
Answer: Oversubscription = Number of shares applied - Number of shares allotted = 8000 - 3500 = 4500 shares.
(iv) पूर्वाधिकार अंशों के प्रकार लिखिए। (कोई चार)
Write the types of preference shares. (Any four)
उत्तर: पूर्वाधिकार अंशों के चार प्रकार निम्नलिखित हैं:
- संचयी पूर्वाधिकार अंश (Cumulative Preference Shares)
- असंचयी पूर्वाधिकार अंश (Non-Cumulative Preference Shares)
- सहभागी पूर्वाधिकार अंश (Participating Preference Shares)
- असहभागी पूर्वाधिकार अंश (Non-Participating Preference Shares)
Answer: Four types of preference shares are as follows:
- Cumulative Preference Shares
- Non-Cumulative Preference Shares
- Participating Preference Shares
- Non-Participating Preference Shares
(v) रामकृष्ण लिमिटेड ने राजेश लिमिटेड से ₹98,000 का फर्नीचर खरीदा। रामकृष्ण लिमिटेड ने ₹100 वाले 800, 7% ऋणपत्र पूर्ण भुगतान में जारी किए। ऋणपत्रों पर प्रीमियम की दर क्या होगी?
Ramkrishna Limited purchased furniture from Rajesh Limited for ₹98,000. Ramkrishna Limited issued 800, 7% debentures of ₹100 each in full settlement. What is the rate of premium on debentures?
उत्तर:
ऋणपत्रों का अंकित मूल्य = 800 × ₹100 = ₹80,000
क्रय मूल्य = ₹98,000
प्रीमियम = ₹98,000 - ₹80,000 = ₹18,000
प्रीमियम की दर = (₹18,000 / ₹80,000) × 100 = 22.5%
Answer:
Face value of debentures = 800 × ₹100 = ₹80,000
Purchase price = ₹98,000
Premium = ₹98,000 - ₹80,000 = ₹18,000
Rate of premium = (₹18,000 / ₹80,000) × 100 = 22.5%
(vi) अंशों का पुनः निर्गमन होने तक, अंश हरण खाते का शेष कहाँ दर्शाया जाता है?
Where is the balance of the Share Forfeiture Account shown till the share is re-issued?
उत्तर: अंश हरण खाते का शेष तब तक स्थिति विवरण (Balance Sheet) में "अंश पूँजी" के अंतर्गत दर्शाया जाता है, जब तक अंशों का पुनः निर्गमन नहीं हो जाता।
Answer: The balance of the Share Forfeiture Account is shown under "Share Capital" in the Balance Sheet until the shares are re-issued.
(vii) मताधिकार के आधार पर, अंश और ऋणपत्र में अंतर लिखिए।
Write the difference between share and debenture on the basis of voting right.
उत्तर:
| आधार (Basis) | अंश (Share) | ऋणपत्र (Debenture) |
|---|---|---|
| मताधिकार (Voting Right) | अंशधारकों को मत देने का अधिकार होता है। | ऋणपत्र धारकों को मत देने का अधिकार नहीं होता है। |
Answer:
| Basis | Share | Debenture |
|---|---|---|
| Voting Right | Shareholders have voting rights. | Debenture holders do not have voting rights. |
(viii) परिचालन अनुपात + ? = 100
Operating ratio + ? = 100
उत्तर: परिचालन अनुपात + परिचालन लाभ अनुपात = 100
Answer: Operating ratio + Operating profit ratio = 100
खण्ड 'ब' (SECTION 'B')
लघुत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)
(शब्द सीमा लगभग 50 शब्द) (Word limit approx. 50 words)
4. एक फर्म में अर्चना और निधि बराबर के साझेदार हैं। इनकी स्थिर पूँजी क्रमशः ₹ 2,00,000 और ₹ 4,00,000 थी। साझेदारी संलेख में पूँजी पर 2% वार्षिक दर से ब्याज देने का प्रावधान रखता है तथा वर्ष का शुद्ध लाभ ₹ 36,000 है, तो लाभ-हानि विनियोग (नियोजन) खाता बनाइए।
Archana and Nidhi are equal partners in a firm. Their fixed capital were ₹ 2,00,000 and ₹ 4,00,000 respectively. If the partnership deed provides for interest on capital @ 2% per annum and net profit for the year is ₹ 36,000, then prepare Profit and Loss Appropriation Account.
हल / Solution:
Profit and Loss Appropriation Account
| Particulars | Amount (₹) | Particulars | Amount (₹) |
|---|---|---|---|
| To Interest on Capital: Archana (2% of 2,00,000) Nidhi (2% of 4,00,000) |
4,000 8,000 |
By Net Profit (as per P&L A/c) | 36,000 |
| To Profit transferred to: Archana's Capital A/c (1/2 of 24,000) Nidhi's Capital A/c (1/2 of 24,000) |
12,000 12,000 |
||
| Total | 36,000 | Total | 36,000 |
Working Note: Interest on capital = ₹4,000 + ₹8,000 = ₹12,000. Remaining profit = ₹36,000 - ₹12,000 = ₹24,000, distributed equally (₹12,000 each).
5. विशाखा एक फर्म में साझेदार है। वह प्रत्येक माह के (i) आरम्भ में तथा (ii) मध्य में ₹ 4,000 का आहरण करती है। आहरण पर ब्याज 12% वार्षिक दर से लगाया जाता है। दोनों स्थिति में, आहरण पर ब्याज की कुल राशि ज्ञात कीजिए।
Vishakha is a partner in a firm. She withdrew ₹ 4,000 at the (i) beginning of each month and (ii) middle of each month. The interest on drawings is charged @ 12% per annum. In both the cases, calculate the total amount of interest on drawings.
हल / Solution:
(i) आरम्भ में आहरण (Withdrawal at beginning of each month):
Total drawings = ₹4,000 × 12 = ₹48,000
Average period = (12+1)/2 = 6.5 months
Interest = ₹48,000 × 12% × (6.5/12) = ₹48,000 × 0.12 × 0.54167 = ₹3,120
(ii) मध्य में आहरण (Withdrawal at middle of each month):
Total drawings = ₹48,000
Average period = (12+0)/2 = 6 months
Interest = ₹48,000 × 12% × (6/12) = ₹48,000 × 0.12 × 0.5 = ₹2,880
6. उमा और मीना एक फर्म में 1:3 में लाभ बाँटती हुई साझेदार हैं। इसी तिथि को फर्म की ख्याति का मूल्यांकन ₹ 90,000 पर किया गया। वे भविष्य में लाभों को 2:1 में बाँटने का निर्णय लेती है। ख्याति के समायोजन हेतु आवश्यक प्रविष्टि दीजिए।
Uma and Meena are partners in a firm sharing profits in the ratio of 1:3. On that date, the goodwill of the firm was valued at ₹ 90,000. They decided to distribute profits in the ratio of 2:1 in future. Pass necessary entry for adjustment of goodwill.
हल / Solution:
Calculation of Sacrifice/Gain:
Old ratio (Uma : Meena) = 1:3
New ratio (Uma : Meena) = 2:1
Uma's sacrifice = (1/4) - (2/3) = (3 - 8)/12 = -5/12 (Gain)
Meena's sacrifice = (3/4) - (1/3) = (9 - 4)/12 = 5/12 (Sacrifice)
Goodwill = ₹90,000
Meena's sacrifice = ₹90,000 × (5/12) = ₹37,500
Journal Entry:
| Particulars | Dr. (₹) | Cr. (₹) |
|---|---|---|
| Uma's Capital A/c Dr. | 37,500 | |
| To Meena's Capital A/c | 37,500 | |
| (Being adjustment of goodwill on change in profit-sharing ratio) | ||
7.
एक फर्म में अर्चना, सना और सपना साझेदार हैं। अर्चना ने फर्म से अवकाश ग्रहण किया। इस तिथि को उसके पूँजी खाते में ₹20,000 जमा शेष है। यह राशि दो बराबर अर्द्ध-वार्षिक किश्तों में 10% वार्षिक ब्याज दर से भुगतान की जानी है। प्रत्येक किश्त के साथ भुगतान की जाने वाली राशि ज्ञात कीजिए।
Archana, Sana and Sapana are partners in a firm. Archana retired from the firm. On that date, her capital account shows a credit balance of ₹20,000, which is to be paid into two equal half-yearly installments with interest @ 10% per annum. Calculate the amount to be paid in each installment.
हल / Solution:
कुल देय राशि = ₹20,000
प्रत्येक किश्त की मूल राशि = ₹20,000 ÷ 2 = ₹10,000
पहली किश्ट का भुगतान तुरंत किया जाता है, इसलिए उस पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। दूसरी किश्ट का भुगतान 6 माह (अर्द्ध-वर्ष) बाद किया जाएगा।
दूसरी किश्ट पर ब्याज = ₹10,000 × 10% × 6/12 = ₹500
पहली किश्ट में भुगतान = ₹10,000
दूसरी किश्ट में भुगतान = ₹10,000 + ₹500 = ₹10,500
अतः प्रत्येक किश्त में भुगतान की जाने वाली राशि क्रमशः ₹10,000 और ₹10,500 है।
8.
एक फर्म में संगीता, सुमन और सुमित्रा 4:1:5 के अनुपात में लाभ बाँटते हुए साझेदार हैं। सुमित्रा फर्म से अवकाश ग्रहण करती है। इसी तिथि को सामान्य संचय खाता (जमा शेष) ₹25,800 दर्शा रहा है। सुमित्रा के अवकाश ग्रहण पर इस हेतु आवश्यक जर्नल प्रविष्टि पास कीजिए।
Sangeeta, Suman and Sumitra are partners in a firm sharing profits in the ratio of 4:1:5. Sumitra retires from the firm. On that date, the balance sheet is showing General Reserve A/c (Credit balance) ₹25,800. Pass necessary journal entry for this on retirement of Sumitra.
हल / Solution:
सामान्य संचय का वितरण साझेदारों के लाभ-हानि अनुपात (4:1:5) में किया जाएगा।
सुमित्रा का हिस्सा = ₹25,800 × 5/10 = ₹12,900
| दिनांक | विवरण | बट्टा (Dr.) | जमा (Cr.) |
|---|---|---|---|
| सामान्य संचय खाता ...डॉ. | ₹25,800 | ||
| संगीता के पूँजी खाते को (₹25,800 × 4/10) | ₹10,320 | ||
| सुमन के पूँजी खाते को (₹25,800 × 1/10) | ₹2,580 | ||
| सुमित्रा के पूँजी खाते को (₹25,800 × 5/10) | ₹12,900 | ||
| (सामान्य संचय के वितरण हेतु) |
9.
फर्म के न्यायालय द्वारा समापन (विघटन) की कोई दो परिस्थितियाँ लिखिए।
Write any two cases of dissolution by Court of a firm.
उत्तर / Answer:
- जब कोई साझेदार पागल हो जाए या स्थायी रूप से असमर्थ हो जाए।
- जब फर्म का व्यवसाय केवल हानि में चल रहा हो और न्यायालय को लगे कि फर्म का समापन उचित है।
10.
अग्रिम माँग क्या है? इस पर ब्याज की दर लिखिए, यदि तालिका "एफ" लागू होती है।
What is calls-in-advance? Write the rate of interest on it, if Table "F" applies.
उत्तर / Answer:
अग्रिम माँग (Calls-in-Advance): जब कोई अंशधारक किसी माँग की नियत तिथि से पहले ही राशि का भुगतान कर देता है, तो उसे अग्रिम माँग कहते हैं।
यदि तालिका "एफ" लागू होती है, तो अग्रिम माँग पर ब्याज की दर 6% प्रति वर्ष होती है।
11.
कोमल लिमिटेड द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा से प्राप्त ऋण ₹3,00,000 हेतु ₹100 प्रति ऋणपत्र की दर से 4,000; 9% ऋणपत्रों को समपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी किए गए। आप इसे तुलन-पत्र (आर्थिक-चिट्ठे) में कैसे दर्शायेंगे, यदि पुस्तकों में अभिलिखित किया जाता हो?
Komal Limited has issued 9%; 4,000 debentures of ₹100 each for a loan of ₹3,00,000 from Bank of Baroda as a collateral security. How will you show in Balance Sheet, if it is recorded in the books?
हल / Solution:
जब ऋणपत्रों को समपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में जारी किया जाता है और पुस्तकों में अभिलिखित किया जाता है, तो तुलन-पत्र में निम्न प्रकार दर्शाया जाएगा:
| दायित्व (Liabilities) | राशि (₹) | सम्पत्तियाँ (Assets) | राशि (₹) |
|---|---|---|---|
| गैर-चालू दायित्व: | |||
| बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण | 3,00,000 | ||
| (समपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में 4,000; 9% ऋणपत्र ₹100 प्रत्येक निर्गमित) |
नोट: ऋणपत्रों की राशि (₹4,00,000) को तुलन-पत्र में पाद-टिप्पणी के रूप में दिखाया जाता है, क्योंकि यह समपार्श्विक प्रतिभूति है।
12.
भारतीय कम्पनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची - III, भाग - I के अंतर्गत "गैर-चालू दायित्व" मुख्य शीर्षक के कोई दो उप-शीर्षक लिखिए।
Write any two sub-heads of "Non-current liabilities" main head under Schedule - III, Part - I of the Indian Companies Act, 2013.
उत्तर / Answer:
- दीर्घकालीन उधार (Long-term Borrowings)
- दीर्घकालीन प्रावधान (Long-term Provisions)
प्रश्न 3 (खंड-बी)
यदि वर्ष के दौरान ₹52,000 का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया तथा वर्ष के प्रारंभ व अंत में देनदार व लेनदार निम्न थे:
| मद (Items) | प्रारंभ में (In the beginning) | अंत में (At the end) |
|---|---|---|
| देनदार (Debtors) | ₹20,000 | ₹2,000 |
| लेनदार (Creditors) | ₹10,000 | ₹25,000 |
परिचालन गतिविधियों द्वारा रोकड़ प्रवाह की राशि ज्ञात कीजिए।
Find out the amount of cash flow from operating activities.
हल / Solution:
परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना (Cash Flow from Operating Activities):
| शुद्ध लाभ (Net Profit) | ₹52,000 |
| समायोजन (Adjustments): | |
| देनदारों में कमी (Decrease in Debtors: ₹20,000 – ₹2,000) | + ₹18,000 |
| लेनदारों में वृद्धि (Increase in Creditors: ₹25,000 – ₹10,000) | + ₹15,000 |
| परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह | ₹85,000 |
स्पष्टीकरण: देनदारों में कमी से रोकड़ प्राप्त हुई (₹18,000) तथा लेनदारों में वृद्धि से रोकड़ बची (₹15,000), अतः शुद्ध लाभ में इन्हें जोड़ा गया।
खंड-सी (Section-C) — दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
(उत्तर शब्द सीमा लगभग 100 शब्द / Answer word limit approx. 100 words)
प्रश्न: फर्म में अन्नू, रनू और सोनिया 2 : 2 : 3 के अनुपात में लाभ बाँटते हुए साझेदार हैं। सोनिया अवकाश ग्रहण करती है; तथा उसकी पूँजी खाता (समस्त समायोजनों के पश्चात) ₹4,40,000 का शेष दर्शा रहा है। अन्नू व रनू, उसे पूर्ण भुगतान में ₹5,00,000 चुकाने के लिए सहमत होती हैं। गणना स्पष्ट दर्शाते हुए सोनिया के अवकाश पर ख्याति के समायोजन हेतु आवश्यक प्रविष्टि दर्ज कीजिए, यदि वे भविष्य में लाभों को 2 : 3 में बाँटने का निर्णय लेती हैं।
Annu, Ranu and Sonia are partners in a firm sharing profits in the ratio of 2:2:3. Sonia retired and her capital account (after making all adjustments) shows balance of ₹4,40,000. Annu and Ranu agreed to pay her ₹5,00,000 in full settlement. Showing calculation clearly, pass necessary entry for goodwill on Sonia's retirement, if they decided to distribute future profits in the ratio of 2:3.
हल / Solution:
चरण 1: ख्याति की गणना (Calculation of Goodwill)
सोनिया को भुगतान की गई अतिरिक्त राशि = ₹5,00,000 – ₹4,40,000 = ₹60,000
यह अतिरिक्त राशि सोनिया के ख्याति में हिस्से का भुगतान है।
सोनिया का पुराना लाभांश अनुपात = 3/7 (क्योंकि कुल अनुपात 2+2+3=7)
अतः फर्म की कुल ख्याति = ₹60,000 × (7/3) = ₹1,40,000
चरण 2: शेष साझेदारों का त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio)
पुराना अनुपात (अन्नू : रनू : सोनिया) = 2 : 2 : 3
नया अनुपात (अन्नू : रनू) = 2 : 3
अन्नू का त्याग = पुराना हिस्सा – नया हिस्सा = (2/7) – (2/5) = (10 – 14)/35 = –4/35 (लाभ)
रनू का त्याग = (2/7) – (3/5) = (10 – 21)/35 = –11/35 (लाभ)
चूँकि दोनों को लाभ हो रहा है, अतः त्याग अनुपात = 4 : 11 (लाभ अनुपात)
चरण 3: ख्याति का समायोजन (Adjustment of Goodwill)
सोनिया का ख्याति में हिस्सा = ₹60,000
इसे अन्नू और रनू द्वारा उनके लाभ अनुपात (4:11) में वहन किया जाएगा:
- अन्नू का भाग = ₹60,000 × (4/15) = ₹16,000
- रनू का भाग = ₹60,000 × (11/15) = ₹44,000
चरण 4: आवश्यक प्रविष्टि (Journal Entry)
| विवरण (Particulars) | डेबिट (₹) | क्रेडिट (₹) |
|---|---|---|
| अन्नू का पूँजी खाता (Annu's Capital A/c) ...डेबिट | 16,000 | |
| रनू का पूँजी खाता (Ranu's Capital A/c) ...डेबिट | 44,000 | |
| सोनिया का पूँजी खाता (Sonia's Capital A/c) ...क्रेडिट | 60,000 | |
| (सोनिया के अवकाश पर ख्याति के समायोजन हेतु) | ||
स्पष्टीकरण: सोनिया को ₹60,000 ख्याति का भुगतान अन्नू और रनू द्वारा उनके लाभ अनुपात (4:11) में किया गया, जिससे सोनिया का पूँजी खाता क्रेडिट हुआ।
प्रश्न 3 (सूची II से सुमेलन)
सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:
| सूची I (विवरण) | सूची II (खाते का पक्ष) |
|---|---|
| i. देनदारों पर बट्टे के आयोजन में वृद्धि | (a) पुनर्मूल्यांकन खाते का नामे पक्ष |
| ii. पुनर्मूल्यांकन लाभों का हस्तांतरण | (b) साझेदारों के पूँजी खाते का जमा पक्ष |
| iii. पुनर्मूल्यांकन हानियों का हस्तांतरण | (c) साझेदारों के पूँजी खाते का नामे पक्ष |
| iv. सम्पत्तियों के मूल्य में वृद्धि | (d) पुनर्मूल्यांकन खाते का जमा पक्ष |
सही मिलान:
- i → (a) - देनदारों पर बट्टे के आयोजन में वृद्धि पुनर्मूल्यांकन खाते के नामे पक्ष में आती है।
- ii → (b) - पुनर्मूल्यांकन लाभ साझेदारों के पूँजी खाते के जमा पक्ष में हस्तांतरित होते हैं।
- iii → (c) - पुनर्मूल्यांकन हानियाँ साझेदारों के पूँजी खाते के नामे पक्ष में हस्तांतरित होती हैं।
- iv → (d) - सम्पत्तियों के मूल्य में वृद्धि पुनर्मूल्यांकन खाते के जमा पक्ष में दर्शाई जाती है।
प्रश्न 4 (समापन के समय पूँजी खाता)
निम्न सूचनाओं के आधार पर, फर्म के समापन के समय साझेदार का पूँजी खाता तैयार कीजिए:
- पूँजी खाते का नामे शेष - ₹ 5,000
- वसूली खाते का लाभ - ₹ 25,000
- उसने फर्म से एक सम्पत्ति खरीदी - ₹ 6,500
साझेदार का पूँजी खाता
| विवरण | राशि (₹) | विवरण | राशि (₹) |
|---|---|---|---|
| शेष आ/या (नामे शेष) | 5,000 | वसूली खाता (लाभ) | 25,000 |
| सम्पत्ति खरीद (फर्म से) | 6,500 | ||
| रोकड़ (भुगतान) | 13,500 | ||
| योग | 25,000 | योग | 25,000 |
व्याख्या: पूँजी खाते का नामे शेष ₹5,000 को नामे पक्ष में दिखाया गया। वसूली लाभ ₹25,000 को जमा किया गया। सम्पत्ति खरीद ₹6,500 को नामे पक्ष में दर्शाया गया। शेष राशि ₹13,500 रोकड़ के रूप में साझेदार को भुगतान की गई।
प्रश्न 5 (समापन पर जर्नल प्रविष्टियाँ)
फर्म के समापन पर निम्नलिखित व्यवहारों की जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए:
- एक साझेदार सना ने ₹ 8,000 के दायित्वों का भुगतान किया।
- एक साझेदार प्रीति ने ₹ 25,000 के देनदारों से पूर्ण भुगतान में 80% प्राप्त किए।
- ₹ 20,000 के लेनदारों का निपटारा, ₹ 25,000 की सम्पत्ति (पुस्तकों में दर्ज नहीं) से किया गया।
जर्नल प्रविष्टियाँ:
i. साझेदार सना द्वारा दायित्वों का भुगतान:
| दायित्व खाता ...नामे | ₹ 8,000 |
| साझेदार सना का पूँजी खाता ...जमा | ₹ 8,000 |
(साझेदार द्वारा दायित्वों के भुगतान पर, दायित्व खाता नामे किया जाता है और साझेदार के पूँजी खाते को जमा किया जाता है।)
ii. साझेदार प्रीति द्वारा देनदारों से वसूली:
| रोकड़ खाता ...नामे (₹25,000 का 80%) | ₹ 20,000 |
| वसूली खाता ...नामे (हानि) | ₹ 5,000 |
| देनदार खाता ...जमा | ₹ 25,000 |
(देनदारों से 80% राशि प्राप्त होने पर, रोकड़ खाता नामे किया जाता है, शेष 20% हानि वसूली खाते में डाली जाती है, और देनदार खाता बंद किया जाता है।)
iii. अदर्जित सम्पत्ति से लेनदारों का निपटारा:
| लेनदार खाता ...नामे | ₹ 20,000 |
| वसूली खाता ...जमा (लाभ) | ₹ 5,000 |
| सम्पत्ति खाता (अदर्जित) ...जमा | ₹ 25,000 |
(₹25,000 की अदर्जित सम्पत्ति से ₹20,000 के लेनदारों का निपटारा करने पर ₹5,000 का लाभ वसूली खाते में जाता है।)
लिमिटेड आपषेको
प्रश्न 16
75 ऊषको निम्न सूचनाएँ टेती है :
| विवरण | 1-4-2024 (₹) | 1-4-2025 (₹) |
|---|---|---|
| समता अंश | — | — |
| 10% पूर्वाधिकार अंश | 6,00,000 | — |
| 8% ऋणपत्र | 7,00,000 | 2,50,000 |
| अतिरिक्त सूचनाएँ | 1,50,000 | 80,000 |
अतिरिक्त सूचनाएँ : प्रारंभिक शेष पर पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश तथा ऋणपत्रों पर ब्याज का भुगतान किया गया।
Raj Limited से वित्तीय प्रवाह ज्ञात कीजिए।
Items : Raj Limited has given you following informations :
| Particulars | 1-4-2024 (₹) | 1-4-2025 (₹) |
|---|---|---|
| Equity Share Capital | — | — |
| 10% Preference Shares | 6,00,000 | — |
| 8% Debentures | 7,00,000 | 2,50,000 |
| Additional Informations | 1,50,000 | 80,000 |
Additional Informations : Dividend on preference shares and interest on debentures was paid on opening balance.
Find the cash flow from "Financing Activities".
हल / Solution :
Cash Flow from Financing Activities :
- पूर्वाधिकार अंशों का मोचन (6,00,000 ₹) — यह वित्तीय गतिविधि में नकद बहिर्वाह है।
- ऋणपत्रों का मोचन (7,00,000 - 2,50,000 = 4,50,000 ₹) — यह भी वित्तीय गतिविधि में नकद बहिर्वाह है।
- पूर्वाधिकार अंशों पर लाभांश का भुगतान (6,00,000 का 10% = 60,000 ₹) — वित्तीय गतिविधि में नकद बहिर्वाह।
- ऋणपत्रों पर ब्याज का भुगतान (7,00,000 का 8% = 56,000 ₹) — वित्तीय गतिविधि में नकद बहिर्वाह।
कुल नकद बहिर्वाह = 6,00,000 + 4,50,000 + 60,000 + 56,000 = 11,66,000 ₹
अतः वित्तीय गतिविधियों से नकद प्रवाह = (11,66,000 ₹) (कोष्ठक में ऋणात्मक प्रवाह दर्शाता है)।
प्रश्न 17
निम्न मदों को परिचालन, निवेश, वित्तीय और गैर-रोकड़ी मदों में वर्गीकृत कीजिए :
- ब्याज का भुगतान (ऋणपत्रों पर)
- आपूर्तिकर्त्ता से माल का क्रय
- ख्याति का अपलेखन
- प्लांट का क्रय
अथवा / OR
Classify the following items into operating, investing, financing and non-cash items :
- Interest paid (on Debentures)
- Purchase of goods from supplier
- Written-off of goodwill
- Purchase of plant
हल / Solution :
| क्र.सं. | मद | वर्गीकरण |
|---|---|---|
| i) | ब्याज का भुगतान (ऋणपत्रों पर) | वित्तीय गतिविधि (Financing Activity) |
| ii) | आपूर्तिकर्त्ता से माल का क्रय | परिचालन गतिविधि (Operating Activity) |
| iii) | ख्याति का अपलेखन | गैर-रोकड़ी मद (Non-cash Item) |
| iv) | प्लांट का क्रय | निवेश गतिविधि (Investing Activity) |
प्रश्न 18
रंगोली लिमिटेड की चालू सम्पत्तियाँ 8,00,000 ₹ हैं। इसका चालू अनुपात 1.6 : 1 तथा तरल अनुपात 1.25 : 1 है। चालू दायित्व व स्कंध का मूल्य ज्ञात कीजिए।
अथवा / OR
Current assets of Rangoli Limited are ₹ 8,00,000. Its current ratio is 1.6 : 1 and quick ratio is 1.25 : 1. Find the value of current liabilities and inventory.
हल / Solution :
दिया गया है :
- चालू सम्पत्तियाँ (Current Assets) = ₹ 8,00,000
- चालू अनुपात (Current Ratio) = 1.6 : 1
- तरल अनुपात (Quick Ratio) = 1.25 : 1
चालू दायित्व (Current Liabilities) की गणना :
चालू अनुपात = चालू सम्पत्तियाँ / चालू दायित्व
1.6 = 8,00,000 / चालू दायित्व
चालू दायित्व = 8,00,000 / 1.6 = ₹ 5,00,000
स्कंध (Inventory) की गणना :
तरल अनुपात = (चालू सम्पत्तियाँ - स्कंध) / चालू दायित्व
1.25 = (8,00,000 - स्कंध) / 5,00,000
8,00,000 - स्कंध = 1.25 × 5,00,000 = 6,25,000
स्कंध = 8,00,000 - 6,25,000 = ₹ 1,75,000
उत्तर :
- चालू दायित्व = ₹ 5,00,000
- स्कंध = ₹ 1,75,000
खण्ड-३: निबंधात्मक प्रश्न (शब्द सीमा 200 शब्द)
Essay type questions (Word limit 200 words)
प्रश्न: सकल लाभ की गणना
निम्नलिखित सूचनाओं से सकल लाभ की राशि ज्ञात कीजिए:
- औसत स्कंध (Average Inventory): ₹ 40,000
- स्कंध आवर्त अनुपात (Stock Turnover Ratio): 6 गुना
- विक्रय मूल्य (Sales Price): लागत से 25% अधिक
हल:
चरण 1: विक्रय की लागत (Cost of Goods Sold) ज्ञात करें।
स्कंध आवर्त अनुपात = विक्रय की लागत / औसत स्कंध
6 = विक्रय की लागत / ₹ 40,000
विक्रय की लागत = 6 × ₹ 40,000 = ₹ 2,40,000
चरण 2: विक्रय मूल्य (Revenue from Operations) ज्ञात करें।
विक्रय मूल्य = लागत + 25% लागत का
विक्रय मूल्य = ₹ 2,40,000 + (25/100 × ₹ 2,40,000)
विक्रय मूल्य = ₹ 2,40,000 + ₹ 60,000 = ₹ 3,00,000
चरण 3: सकल लाभ (Gross Profit) ज्ञात करें।
सकल लाभ = विक्रय मूल्य - विक्रय की लागत
सकल लाभ = ₹ 3,00,000 - ₹ 2,40,000 = ₹ 60,000
उत्तर: सकल लाभ की राशि ₹ 60,000 है।
प्रश्न: साझेदारी फर्म का पूँजी खाता
एक फर्म में स्पितां व सरिता 3 : 7 के अनुपात में लाभ बाँटती हुई साझेदार हैं। 31 मार्च, 2025 को इनका तुलन पत्र (आर्थिक-चिट्ठा) निम्न था:
| दायित्व (₹) | राशि (₹) | परिसंपत्तियाँ (₹) | राशि (₹) |
|---|---|---|---|
| देय बिल | 1,00,000 | बैंक | 90,000 |
| सामान्य संचय | 75,000 | देनदार | 4,45,000 |
| लेनदार | 1,25,000 | (-) डूबत ऋणों के लिए आयोजन | (5,000) |
| पूँजी खाते: | शुद्ध देनदार | 4,40,000 | |
| स्पितां | 1,25,000 | प्लांट | 1,25,000 |
| सरिता | 1,00,000 | स्कंध | 75,000 |
| कुल | 4,00,000 | कुल | 4,00,000 |
अतिरिक्त सूचनाएँ:
1 अप्रैल, 2025 को सुमन को लाभों में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। शर्तें:
- i) अपनी पूँजी के लिए सुमन ₹ 1,50,000 व ख्याति (प्रीमियम) के लिए ₹ 50,000 लाती है।
- ii) सभी देनदार अच्छे हैं।
साझेदारों के पूँजी खाते तैयार कीजिए।
हल:
चरण 1: ख्याति का वितरण (पुराने साझेदारों के बीच त्याग अनुपात में)
पुराना अनुपात = 3:7, नया अनुपात = ? (सुमन को 1/4 हिस्सा)
शेष हिस्सा = 1 - 1/4 = 3/4
स्पितां का नया हिस्सा = 3/4 × 3/10 = 9/40
सरिता का नया हिस्सा = 3/4 × 7/10 = 21/40
सुमन का हिस्सा = 1/4 = 10/40
नया अनुपात = 9:21:10
त्याग अनुपात = पुराना - नया
स्पितां = 3/10 - 9/40 = 12/40 - 9/40 = 3/40
सरिता = 7/10 - 21/40 = 28/40 - 21/40 = 7/40
त्याग अनुपात = 3:7
चरण 2: ख्याति प्रीमियम का वितरण:
सुमन द्वारा लाई गई ख्याति = ₹ 50,000
स्पितां को = 50,000 × 3/10 = ₹ 15,000
सरिता को = 50,000 × 7/10 = ₹ 35,000
चरण 3: पूँजी खाते तैयार करना:
| विवरण | स्पितां (₹) | सरिता (₹) | सुमन (₹) |
|---|---|---|---|
| शेष (31 मार्च 2025) | 1,25,000 | 1,00,000 | - |
| सामान्य संचय (3:7) | 22,500 | 52,500 | - |
| ख्याति प्रीमियम | 15,000 | 35,000 | - |
| पूँजी लाई | - | - | 1,50,000 |
| योग | 1,62,500 | 1,87,500 | 1,50,000 |
उत्तर: स्पितां का पूँजी खाता ₹ 1,62,500, सरिता का ₹ 1,87,500 और सुमन का ₹ 1,50,000 होगा।
Partners' Capital Account & Journal Entries for Admission of a Partner
Question 1 (Based on the given Balance Sheet)
MPM Sarita and Smug are partners in a firm sharing profits in the ratio of 3:7. On 1st April, 2025, they admitted Suman as a new partner for a share in profits. The Balance Sheet on that date was as follows:
| Liabilities | Amount (₹) | Assets | Amount (₹) |
|---|---|---|---|
| Bills Payable | 75,000 | Debtors | 90,000 |
| General Reserve | 1,00,000 | Less: Provision for Doubtful Debts | (5,000) |
| Capitals: | Plant & Machinery | 2,25,000 | |
| Smug | 1,00,000 | Stock | 75,000 |
| Sarita | 1,25,000 | Cash at Bank | 4,00,000 |
| Total | 4,00,000 | Total | 4,00,000 |
Additional Information:
- Suman was admitted for 1/5th share in profits.
- Suman brought ₹50,000 as her capital and ₹50,000 as goodwill (premium).
- All debtors are good (i.e., provision for doubtful debts is no longer required).
Required: Prepare Partners' Capital Accounts.
Solution:
Step 1: Calculate Sacrificing Ratio
Old ratio (Smug : Sarita) = 3 : 7. New partner Suman gets 1/5th share. Let total profit = 1. Remaining share for old partners = 1 - 1/5 = 4/5. This is shared in old ratio 3:7.
Smug's new share = 3/10 × 4/5 = 12/50 = 6/25
Sarita's new share = 7/10 × 4/5 = 28/50 = 14/25
Suman's share = 1/5 = 5/25
New ratio = 6:14:5
Sacrificing ratio = Old share - New share
Smug = 3/10 - 6/25 = (15-12)/50 = 3/50
Sarita = 7/10 - 14/25 = (35-28)/50 = 7/50
Sacrificing ratio = 3:7 (same as old ratio)
Step 2: Journal Entry for Goodwill
Goodwill brought by Suman = ₹50,000. This is shared by old partners in sacrificing ratio (3:7).
Smug gets = 50,000 × 3/10 = ₹15,000
Sarita gets = 50,000 × 7/10 = ₹35,000
Step 3: Journal Entry for Revaluation (Debtors)
Provision for doubtful debts (₹5,000) is no longer required, so it is a gain. This is credited to old partners in old ratio (3:7).
Smug gets = 5,000 × 3/10 = ₹1,500
Sarita gets = 5,000 × 7/10 = ₹3,500
Step 4: Partners' Capital Accounts
| Particulars | Smug (₹) | Sarita (₹) | Suman (₹) |
|---|---|---|---|
| Balance b/d | 1,00,000 | 1,25,000 | — |
| General Reserve (old ratio) | 30,000 | 70,000 | — |
| Revaluation Profit (Provision written back) | 1,500 | 3,500 | — |
| Goodwill (from Suman) | 15,000 | 35,000 | — |
| Cash (Capital brought in) | — | — | 50,000 |
| Balance c/d | 1,46,500 | 2,33,500 | 50,000 |
Question 2: Journal Entries for Admission of a Partner
Give journal entries at the time of admission of a new partner for the following:
- Goodwill brought in cash by the new partner.
- On adjusting the amount of cash brought in as goodwill in the sacrificing ratio.
- On adjusting in the sacrificing ratio for not bringing cash for goodwill.
- On goodwill amount to be withdrawn in cash by old partners in the sacrificing ratio.
- For adjustment of goodwill amount, in case of new partner bringing it partially in cash.
Solution:
(i) Goodwill brought in cash by the new partner:
| Bank A/c | Dr. | [Amount] |
| To Goodwill A/c | [Amount] | |
| (Being goodwill brought in cash by new partner) | ||
(ii) On adjusting the amount of cash brought in as goodwill in the sacrificing ratio:
| Goodwill A/c | Dr. | [Amount] |
| To Old Partners' Capital A/cs (in sacrificing ratio) | [Amount] | |
| (Being goodwill credited to old partners in sacrificing ratio) | ||
(iii) On adjusting in the sacrificing ratio for not bringing cash for goodwill:
| New Partner's Current A/c | Dr. | [Amount] |
| To Old Partners' Capital A/cs (in sacrificing ratio) | [Amount] | |
| (Being goodwill adjusted through current account as no cash brought) | ||
(iv) On goodwill amount to be withdrawn in cash by old partners in the sacrificing ratio:
| Old Partners' Capital A/cs (in sacrificing ratio) | Dr. | [Amount] |
| To Bank A/c | [Amount] | |
| (Being goodwill amount withdrawn by old partners) | ||
(v) For adjustment of goodwill amount, in case of new partner bringing it partially in cash:
First, record the cash brought in:
| Bank A/c | Dr. | [Cash brought] |
| To Goodwill A/c | [Cash brought] | |
| (Being partial goodwill brought in cash) | ||
Then, adjust the remaining goodwill (not brought in cash) through current account:
| New Partner's Current A/c | Dr. | [Remaining amount] | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| To Old Partners' Capital A/cs (in sacrificing ratio) | [Remaining amount] | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
(Being
प्रश्न 1 (अथवा)संजीव लिमिटेड (Sanjeev Limited)संजीव लिमिटेड ने ₹10 वाले 50,000 समता अंशों के लिए निम्न प्रकार से आवेदन आमंत्रित किए:
45,000 अंशों के लिए आवेदन पत्र प्राप्त हुए। भवू जिसे 1,000 अंश बंटित किए गए, उसने माँग राशि का भुगतान बंटन के साथ कर दिया। आवश्यकता: संजीव लिमिटेड की पुस्तकों में आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ (केवल आवेदन एवं बंटन हेतु) दीजिए। हल:जर्नल प्रविष्टियाँ:
व्याख्या: भवू ने 1,000 अंशों पर बंटन राशि (₹5) और माँग राशि (₹2) एक साथ भुगतान की, इसलिए बैंक खाते में कुल ₹7,000 प्राप्त हुए। शेष 44,000 अंशों पर केवल बंटन राशि (₹5 प्रति अंश) प्राप्त हुई। कान्हा लिमिटेड (Kanha Limited)कान्हा लिमिटेड ने ₹100 प्रति अंश वाले 400 समता अंशों का हरण किया, जिन पर ₹90 प्रति अंश माँगा गया था। इन अंशों पर ₹20 प्रति अंश की अंतिम माँग के बकाया थे। इन्हें ₹90 प्रति अंश पूर्णदत्त पर पुनः निर्गमित कर दिए। आवश्यकता: कंपनी की पुस्तकों में अंश हरण व पुनः निर्गमन की आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ दीजिए, तथा अंश हरण खाता तैयार कीजिए। हल:जर्नल प्रविष्टियाँ:
अंश हरण खाता:
व्याख्या: प्रति अंश ₹90 माँगा गया था, जिसमें से ₹20 बकाया था, अतः प्रति अंश प्राप्त राशि ₹70 थी। हरण पर ₹28,000 (400 × ₹70) अंश हरण खाते में जमा हुआ। पुनः निर्गमन पर ₹90 प्रति अंश प्राप्त हुआ, जिसमें से ₹100 अंश पूँजी और ₹10 प्रीमियम माना गया। हरण खाते से ₹8,000 (400 × ₹20) पुनः निर्गमन पर हस्तांतरित किया गया, शेष ₹20,000 पूँजी संचय में हस्तांतरित हुआ।
20. निम्नलिखित कथनों के लिए "सत्य और असत्य" बताइए :
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| दिनांक | विवरण | नामे (₹) | जमा (₹) |
|---|---|---|---|
| (क) | बैंक खाता नामे ऋणपत्र निर्गमन हानि खाता नामे 12% ऋणपत्र खाता ऋणपत्र मोचन प्रीमियम खाता (₹ 100 अंकित मूल्य के ऋणपत्र ₹ 95 पर जारी, ₹ 105 पर देय) |
95 10 |
100 5 |
| (ख) | बैंक खाता नामे ऋणपत्र निर्गमन हानि खाता नामे 12% ऋणपत्र खाता (₹ 100 अंकित मूल्य के ऋणपत्र ₹ 90 पर जारी, ₹ 100 पर देय) |
90 10 |
100 |
व्याख्या: (क) में ₹ 5 का प्रीमियम मोचन पर देय है, इसलिए ऋणपत्र मोचन प्रीमियम खाता क्रेडिट किया गया। (ख) में कोई प्रीमियम नहीं है, केवल बट्टा ₹ 10 है।