RBSE Class 12th 2026 AGRICULTURE-CHEMISTRY-SS-38 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2026 |
| Subject | AGRICULTURE-CHEMISTRY-SS-38 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2026 AGRICULTURE-CHEMISTRY-SS-38
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Rajasthan Board Class 12th AGRICULTURE-CHEMISTRY-SS-38 2026 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2026
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2026
कृषि रसायन विज्ञान
AGRICULTURE CHEMISTRY
समय : 3 घंटे 15 मिनट पूर्णांक : 50
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपना अनुक्रमांक प्रश्न-पत्र पर अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
All questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों के आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न-पत्र के हिन्दी और अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि/अंतर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of the Hindi version should be treated valid. - प्रश्न का उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।
Write down the serial number of the question before attempting it.
No. of Questions - 8 SS-38-Ag.Chem.
No. of Printed Pages — 11
Page 1 of 11
खण्ड-अ
SECTION A
बहुविकल्पीय प्रश्न :
Multiple Choice Questions :
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर का सही विकल्प चयन कर दी गई उत्तर पुस्तिका में लिखिए ।
Choose the correct option for the following and write it in the given answer book.
-
मृदा में कार्बन डाईऑक्साइड की प्रतिशत है [1]
- अ) 0.1
- ब) 0.01
- स) 0.3
- द) 0.03
The percentage of carbon dioxide in the soil is
- A) 0.1
- B) 0.01
- C) 0.3
- D) 0.03
Explanation: मृदा में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा लगभग 0.03% होती है, जो वायुमंडल की तुलना में अधिक होती है क्योंकि यह जैविक क्रियाओं द्वारा उत्पन्न होती है।
-
अम्लीय आग्नेय चट्टान का उदाहरण है [1]
- अ) बेसाल्ट
- ब) ग्रेनाइट
- स) चूना पत्थर
- द) डायोराइट
An example of an acidic igneous rock is
- A) Basalt
- B) Granite
- C) Limestone
- D) Diorite
Explanation: ग्रेनाइट एक अम्लीय आग्नेय चट्टान है क्योंकि इसमें सिलिका (SiO₂) की मात्रा 65% से अधिक होती है। बेसाल्ट क्षारीय, चूना पत्थर अवसादी, और डायोराइट मध्यवर्ती चट्टान है।
-
मृदा ह्यूमस में कार्बन नाइट्रोजन अनुपात है [1]
- अ) 5:1
- ब) 10:1
- स) 15:1
- द) 20:1
The carbon nitrogen ratio in soil humus is
- A) 5:1
- B) 10:1
- C) 15:1
- D) 20:1
Explanation: मृदा ह्यूमस में कार्बन और नाइट्रोजन का अनुपात लगभग 20:1 होता है, जो स्थिर कार्बनिक पदार्थ के लिए सामान्य है।
SS-38-Ag.Chem.
प्रश्न 5 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
(५) सोयाबीन फसल हेतु उपयुक्त सहजीवी जीवाणु की प्रजाति है
- अ) रा. ट्राइफोलाई (R. Trifolii)
- ब) रा. मेलीलोटी (R. Meliloti)
- स) रा. जेपोनीकम (R. Japonicum)
- द) रा. फजिओली (R. Phaseoli)
सही उत्तर: स) रा. जेपोनीकम (R. Japonicum)
व्याख्या: सोयाबीन फसल के लिए उपयुक्त सहजीवी जीवाणु राइजोबियम जैपोनिकम (R. Japonicum) है, जो सोयाबीन की जड़ों में ग्रंथियाँ बनाकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।
प्रश्न 6 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
(vi) मॉन्टमोरिलोनाइट समूह का संरचना सूत्र है
- अ) Al₂Si₄O₁₀(OH)₂
- ब) Al₂Si₄O₁₀(OH)₃
- स) KAl₂Si₃O₁₀(OH)₂
- द) Al₂Si₄O₁₀(OH)₄
सही उत्तर: अ) Al₂Si₄O₁₀(OH)₂
व्याख्या: मॉन्टमोरिलोनाइट समूह का संरचना सूत्र Al₂Si₄O₁₀(OH)₂ है। यह 2:1 प्रकार का खनिज है जिसमें दो सिलिका चतुष्फलकीय परतों के बीच एक एल्युमिना अष्टफलकीय परत होती है।
प्रश्न 7 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
(vii) इलाइट समूह में सिलिका एवं एल्यूमिना परत का अनुपात होता है
- अ) 1:1
- ब) 2:1
- स) 1:2
- द) 2:3
सही उत्तर: ब) 2:1
व्याख्या: इलाइट समूह में सिलिका एवं एल्यूमिना परत का अनुपात 2:1 होता है, अर्थात दो सिलिका चतुष्फलकीय परतों के बीच एक एल्युमिना अष्टफलकीय परत स्थित होती है।
प्रश्न 8 (बहुविकल्पीय प्रश्न)
(viii) ह्यूमस की धनायन विनिमय क्षमता (सी.ई.सी.) का परिसर होता है
- अ) 20-40 सेन्टी मोल प्रति किग्रा.
- ब) 3-10 सेन्टी मोल प्रति किग्रा.
- स) 100-300 सेन्टी मोल प्रति किग्रा.
- द) 40-80 सेन्टी मोल प्रति किग्रा.
सही उत्तर: स) 100-300 सेन्टी मोल प्रति किग्रा.
व्याख्या: ह्यूमस की धनायन विनिमय क्षमता (CEC) बहुत अधिक होती है, जो सामान्यतः 100 से 300 सेन्टी मोल प्रति किग्रा के बीच होती है। यह मिट्टी के कार्बनिक पदार्थों की उच्च विनिमय क्षमता को दर्शाता है।
प्रश्न (viii)
निम्नलिखित में से क्षारीय आयन है :
- अ) H⁺
- ब) NO₃⁻
- स) OH⁻
- द) SO₄²⁻
English: The basic ion among the following is:
- A) H⁺
- B) NO₃⁻
- C) OH⁻
- D) SO₄²⁻
उत्तर: स) OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन)
क्षारीय आयन वह होता है जो जल में घुलने पर OH⁻ आयन देता है या स्वयं OH⁻ होता है। H⁺ अम्लीय है, जबकि NO₃⁻ और SO₄²⁻ उदासीन या अम्लीय लवण बनाते हैं।
प्रश्न (ix)
दुर्बल क्षार का उदाहरण है :
- अ) CH₃COONa
- ब) NH₄OH
- स) CH₃COOH
- द) NH₄Cl
English: An example of a weak base is:
- A) CH₃COONa
- B) NH₄OH
- C) CH₃COOH
- D) NH₄Cl
उत्तर: ब) NH₄OH (अमोनियम हाइड्रॉक्साइड)
NH₄OH जल में आंशिक रूप से वियोजित होता है, इसलिए यह दुर्बल क्षार है। CH₃COONa लवण है, CH₃COOH दुर्बल अम्ल है, और NH₄Cl लवण है।
प्रश्न (x)
पाइराइट का रासायनिक सूत्र है :
- अ) FeSO₄·7H₂O
- ब) CaCO₃
- स) CaO
- द) FeS₂
English: The chemical formula of pyrite is:
- A) FeSO₄·7H₂O
- B) CaCO₃
- C) CaO
- D) FeS₂
उत्तर: द) FeS₂ (आयरन डाइसल्फाइड)
पाइराइट एक खनिज है जिसे "फूल्स गोल्ड" भी कहते हैं। इसका रासायनिक सूत्र FeS₂ है। FeSO₄·7H₂O हरा कसीस (फेरस सल्फेट) है, CaCO₃ चूना पत्थर, और CaO बिना बुझा चूना है।
प्रश्न (xi)
अम्लीय मृदा सुधारक का उदाहरण है :
- अ) जिप्सम
- ब) डोलोमाइट
- स) गन्धक
- द) पाइराइट
English: An example of acidic soil amendment is:
- A) Gypsum
- B) Dolomite
- C) Sulphur
- D) Pyrite
उत्तर: स) गन्धक (सल्फर)
गन्धक (सल्फर) का उपयोग अम्लीय मृदा को सुधारने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह मृदा में ऑक्सीकरण होकर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाता है, जो क्षारीय मृदा को अम्लीय बनाता है। जिप्सम और डोलोमाइट क्षारीय सुधारक हैं, जबकि पाइराइट भी अम्लीय हो सकता है, लेकिन गन्धक अधिक सामान्य उदाहरण है।
प्रश्न (xii)
निम्नलिखित में से पौधों में अत्यधिक गतिशील पोषक तत्व है :
- अ) कैल्शियम
- ब) बोरोन
- स) नाइट्रोजन
- द) क्लोरीन
English: Which of the following is the highly mobile nutrient in plants?
- A) Calcium
- B) Boron
- C) Nitrogen
- D) Chlorine
उत्तर: स) नाइट्रोजन (Nitrogen)
नाइट्रोजन पौधों में अत्यधिक गतिशील (mobile) पोषक तत्व है, क्योंकि यह पुरानी पत्तियों से नई पत्तियों में आसानी से स्थानांतरित हो जाता है। कैल्शियम और बोरोन अगतिशील (immobile) हैं, जबकि क्लोरीन मध्यम गतिशीलता दिखाता है।
प्रश्न (xiii)
एपाइड उर्वरक का उदाहरण है:
- अ) अमोनियम सल्फेट
- ब) कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट
- स) अमोनियम नाइट्रेट
- द) यूरिया
An example of amide fertilizer is:
- A) Ammonium sulphate
- B) Calcium ammonium nitrate
- C) Ammonium nitrate
- D) Urea
सही उत्तर: द) यूरिया (D) Urea
व्याख्या: एपाइड उर्वरकों में यूरिया मुख्य उदाहरण है, क्योंकि इसमें एमाइड नाइट्रोजन (NH₂) पाया जाता है। अमोनियम सल्फेट, कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट और अमोनियम नाइट्रेट अमोनियम या नाइट्रेट रूप में नाइट्रोजन देते हैं, एमाइड रूप में नहीं।
प्रश्न (xiv)
फसलों में मोनोक्रोटोफॉस 36 एस.एल. के प्रयोग पश्चात प्रतीक्षा अवधि है:
- अ) 0 दिन
- ब) 5 दिन
- स) 7 दिन
- द) 5 दिन
The waiting period after the application of monocrotophos 36 SL in crops is:
- A) 0 days
- B) 5 days
- C) 7 days
- D) 5 days
सही उत्तर: स) 7 दिन (C) 7 days
व्याख्या: मोनोक्रोटोफॉस 36 एस.एल. एक ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशक है। इसके प्रयोग के बाद फसलों की कटाई से पहले कम से कम 7 दिन की प्रतीक्षा अवधि रखनी चाहिए, ताकि अवशेष सुरक्षित स्तर तक कम हो जाएं।
प्रश्न (xv)
ट्रिप्सिन एंजाइम का उत्पत्ति स्थान है:
- अ) आँत्र रस
- ब) मुँह - लार
- स) अग्न्याशयी रस
- द) उदर - जठर रस
The origin of trypsin enzyme is:
- A) Intestinal juice
- B) Mouth - Saliva
- C) Pancreatic juice
- D) Stomach - Gastric juice
सही उत्तर: स) अग्न्याशयी रस (C) Pancreatic juice
व्याख्या: ट्रिप्सिन एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम है जो अग्न्याशय (पैनक्रियाज) द्वारा स्रावित अग्न्याशयी रस में निष्क्रिय रूप (ट्रिप्सिनोजेन) में पाया जाता है। यह छोटी आंत में सक्रिय होकर प्रोटीन को पचाता है।
प्रश्न (xvi)
निम्न में से कौन-सा पिरिमिडीन क्षार का एक उदाहरण है?
- अ) साइटोसिन
- ब) थायमीन
- स) यूरेसिल
- द) उपरोक्त सभी
Which of the following is an example of a pyrimidine base?
- A) Cytosine
- B) Thymine
- C) Uracil
- D) All of the above
सही उत्तर: द) उपरोक्त सभी (D) All of the above
व्याख्या: पिरिमिडीन क्षारों में साइटोसिन, थायमीन और यूरेसिल तीनों शामिल हैं। ये सभी नाइट्रोजनी क्षार हैं जो न्यूक्लिक अम्ल (DNA और RNA) में पाए जाते हैं। साइटोसिन DNA और RNA दोनों में, थायमीन केवल DNA में, और यूरेसिल केवल RNA में पाया जाता है।
खंड - 2 (वस्तुनिष्ठ प्रश्न)
xvii) मूँगफली की खली में नाइट्रोजन की प्रतिशत है
- अ) 7.29
- ब) 5.21
- स) 6.41
- द) 5.56
The percentage of nitrogen in groundnut cake is
- A) 7.29
- B) 5.21
- C) 6.41
- D) 5.56
व्याख्या: मूँगफली की खली में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग 5.56% होती है। यह एक उच्च गुणवत्ता वाला जैविक उर्वरक है।
xviii) दूध प्रोटीन में कैसीन की प्रतिशत है
- अ) 90
- ब) 70
- स) 80
- द) 60
The percentage of Casein in milk protein is
- A) 90
- B) 70
- C) 80
- D) 60
व्याख्या: दूध प्रोटीन में लगभग 80% कैसीन और 20% मट्ठा प्रोटीन (व्हे प्रोटीन) होता है। अतः सही उत्तर 80% है।
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। (Fill in the blanks)
i) मृदा शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के सोलम (Solum) शब्द से हुई है।
The word soil is derived from the Latin word Solum.
ii) 2NH₃ + 3O₂ → 2HNO₂ + 2H₂O + 43 कैलोरी
उपरोक्त रासायनिक अभिक्रिया नाइट्रीकरण में नाइट्रोसोमोनास (Nitrosomonas) जीवाणु द्वारा सम्पन्न होती है।
The above chemical reaction is carried out by Nitrosomonas bacteria during nitrification.
iii) समान गुणों वाले अणुओं के मध्य आकर्षण को संसंजन बल (Cohesive force) कहते हैं।
The attraction between molecules with similar particles is called Cohesion.
खण्ड – 9
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक पंक्ति में लिखिए।
-
प्रश्न: मृदा का pH मान 8.5 से अधिक होने पर मृदा में कैल्शियम की कमी होती है।
उत्तर: कैल्शियम की कमी (Calcium deficiency)
-
प्रश्न: जिप्सम में क्या पाया जाता है?
उत्तर: जिप्सम में कैल्शियम सल्फेट (CaSO₄·2H₂O) पाया जाता है।
-
प्रश्न: डाय-अमोनियम फॉस्फेट में कैडमियम की मात्रा कितनी होती है?
उत्तर: डाय-अमोनियम फॉस्फेट में कैडमियम की मात्रा 50-100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।
-
प्रश्न: 1.5 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक फ्लोराइड आयन होने पर कौन सी बीमारी हो जाती है?
उत्तर: फ्लोरोसिस (Fluorosis) रोग हो जाता है।
-
प्रश्न: मोनोसैकेराइड्स का सामान्य सूत्र लिखिए।
उत्तर: मोनोसैकेराइड्स का सामान्य सूत्र CₙH₂ₙOₙ है।
-
प्रश्न: एक क्षार तथा एक शर्करा अणु के संयोजित रूप को क्या कहते हैं?
उत्तर: न्यूक्लियोसाइड (Nucleoside) कहते हैं।
-
प्रश्न: एजोटोबेक्टर जैव उर्वरक का प्रयोग किन फसलों में किया जाता है?
उत्तर: एजोटोबेक्टर जैव उर्वरक का प्रयोग गैर-दलहनी फसलों (जैसे गेहूं, मक्का, चावल) में किया जाता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक पंक्ति में लिखिए।
-
प्रश्न: अवसादी चट्टान के कोई दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर: अवसादी चट्टान के दो उदाहरण हैं: (1) बलुआ पत्थर (Sandstone), (2) चूना पत्थर (Limestone)।
-
प्रश्न: अमोनीकरण को रासायनिक समीकरण द्वारा समझाइए।
उत्तर: अमोनीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कार्बनिक नाइट्रोजन यौगिकों का अमोनिया (NH₃) में रूपांतरण होता है। रासायनिक समीकरण:
R-NH₂ + H₂O → NH₃ + R-OH + ऊर्जा
जहाँ R कार्बनिक समूह है।
खंड - ब (Section - B)
-
(iii) अकार्बनिक कोलॉइड का कोई एक उदाहरण लिखिए।
Write any one example of inorganic colloids.उत्तर / Answer: मृदा में पाए जाने वाले अकार्बनिक कोलॉइड का उदाहरण क्ले (Clay) है। क्ले के कण अत्यंत सूक्ष्म होते हैं और कोलॉइडीय गुण प्रदर्शित करते हैं। / Clay is an example of an inorganic colloid found in soil.
-
(iv) मृदाओं का प्रतिशत बेस संतृप्ति गणना का सूत्र लिखिए।
Write the formula for calculating the percent base saturation of soil.उत्तर / Answer: प्रतिशत बेस संतृप्ति का सूत्र निम्नलिखित है:
प्रतिशत बेस संतृप्ति (% Base Saturation) = (विनिमेय क्षारकीय धनायनों का कुल मिलीग्राम तुल्यांक / कुल विनिमेय धनायन क्षमता (CEC) का मिलीग्राम तुल्यांक) × 100
या
% Base Saturation = (Sum of exchangeable base cations (meq/100g soil) / Cation Exchange Capacity (meq/100g soil)) × 100 -
(v) मृदा के pH परिसर 7 से 8 के मध्य सर्वाधिक उपलब्धता वाले किन्हीं दो पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
Write names of any two nutrients which are most available in the soil pH range 7 to 8.उत्तर / Answer: मृदा के pH परिसर 7 से 8 के मध्य सर्वाधिक उपलब्ध दो पोषक तत्व हैं:
- कैल्शियम (Calcium - Ca)
- मैग्नीशियम (Magnesium - Mg)
(नोट: इस pH परिसर में मोलिब्डेनम (Molybdenum) की उपलब्धता भी अधिक होती है।)
-
(vi) अमोनियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र लिखिए।
Write the chemical formula of ammonium sulphate.उत्तर / Answer: अमोनियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र (NH₄)₂SO₄ है।
-
(vii) ऑर्गेनो फॉस्फेट कीटनाशी के कोई दो उदाहरण लिखिए।
Write any two examples of organo phosphate insecticides.उत्तर / Answer: ऑर्गेनो फॉस्फेट कीटनाशियों के दो उदाहरण निम्नलिखित हैं:
- मैलाथियान (Malathion)
- पैराथियान (Parathion)
(अन्य उदाहरण: डाइक्लोरवोस (Dichlorvos), डाइमेथोएट (Dimethoate))
-
(viii) मृदा प्रदूषण का कोई एक दुष्प्रभाव लिखिए।
Write any one harmful effect of soil pollution.उत्तर / Answer: मृदा प्रदूषण का एक प्रमुख दुष्प्रभाव यह है कि इससे मृदा की उर्वरता कम हो जाती है, जिसके कारण फसलों की पैदावार और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। / Soil pollution reduces soil fertility, adversely affecting crop yield and quality.
-
(ix) लाइसीन की संरचना एवं संक्षिप्त नाम लिखिए।
Write the structure and abbreviation of Lysine.उत्तर / Answer:
- संक्षिप्त नाम (Abbreviation): Lys या K
- संरचना (Structure): लाइसीन एक आवश्यक अमीनो अम्ल है। इसकी रासायनिक संरचना निम्न प्रकार है:
H₂N-CH₂-CH₂-CH₂-CH₂-CH(NH₂)-COOH
(इसे 2,6-डाइअमीनोहेक्सेनोइक अम्ल भी कहा जाता है।)
-
(x) मृदा में राइजोबियम कल्चर की नाइट्रोजन स्थिर क्षमता (किग्रा./है./वर्ष) लिखिए।
Write the nitrogen fixing capacity (kg/ha/year) of Rhizobium culture in the soil.उत्तर / Answer: मृदा में राइजोबियम कल्चर की नाइट्रोजन स्थिर क्षमता लगभग 50 से 200 किग्रा. प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष (kg/ha/year) होती है। (सामान्यतः इसे 100-150 किग्रा./है./वर्ष माना जाता है।)
§S-38-Ag.Chem.
खण्ड - ब
SECTION - B
लघुगत्मक प्रश्न (उत्तर सीमा लगभग 50 शब्द)
Short Answer Type Questions (Answer word limit approximately 50 words).
-
मृदा परिच्छेदिका को परिभाषित कीजिए।
Define soil profile.मृदा परिच्छेदिका (Soil Profile) मृदा के ऊर्ध्वाधर काट को कहते हैं, जिसमें विभिन्न क्षैतिज परतें (Horizons) जैसे A, B, C आदि दिखाई देती हैं। यह मृदा की संरचना, गुणों और उर्वरता को समझने में सहायक होता है।
-
मृदा में कार्बन नाइट्रोजन अनुपात को परिभाषित कीजिए।
Define carbon nitrogen ratio in soil by formula.कार्बन-नाइट्रोजन अनुपात (C:N Ratio) मृदा में उपस्थित कार्बन और नाइट्रोजन के द्रव्यमान का अनुपात है। सूत्र: C:N = कार्बन की मात्रा / नाइट्रोजन की मात्रा। यह मृदा में कार्बनिक पदार्थों के अपघटन को प्रभावित करता है।
-
मृदा में ह्यूमस का महत्व लिखिए।
Write the importance of humus in soil.ह्यूमस मृदा की उर्वरता बढ़ाता है, जल धारण क्षमता में सुधार करता है, मृदा की संरचना को स्थिर करता है, और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। यह मृदा में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को भी बढ़ावा देता है।
-
आयन विनिमय को परिभाषित कीजिए तथा इसके प्रकार लिखिए।
Define ion exchange and write its types.आयन विनिमय (Ion Exchange) वह प्रक्रिया है जिसमें मृदा के कोलॉइडी कणों पर सोखे गए आयन विलयन में उपस्थित अन्य आयनों से बदल जाते हैं। इसके प्रकार: (1) धनायन विनिमय (Cation Exchange), (2) ऋणायन विनिमय (Anion Exchange)।
-
उभयप्रतिरोध क्षमता को परिभाषित कीजिए।
Define buffering capacity.उभयप्रतिरोध क्षमता (Buffering Capacity) मृदा की अम्ल या क्षार के प्रभाव को कम करने की क्षमता है। यह मृदा के pH को स्थिर रखने में सहायक होती है, जिससे पौधों की वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण बना रहता है।
-
लवणीय एवं क्षारीय मृदाओं में कोई तीन अन्तर लिखिए।
Write any three differences between saline and sodic soils.क्रम लवणीय मृदा (Saline Soil) क्षारीय मृदा (Sodic Soil) 1 pH 8.5 से कम होता है। pH 8.5 से अधिक होता है। 2 इसमें सोडियम लवणों की अधिकता होती है। इसमें सोडियम कार्बोनेट की अधिकता होती है। 3 मृदा की संरचना अच्छी रहती है। मृदा की संरचना खराब हो जाती है। -
पौधों में फॉस्फोरस के कोई तीन कार्य लिखिए।
Write any three functions of phosphorus in plants.- यह ऊर्जा स्थानांतरण (ATP) में सहायक होता है।
- यह जड़ों के विकास और फूल-फल निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह कोशिका विभाजन और वंशानुगत पदार्थ (DNA/RNA) के निर्माण में आवश्यक है।
-
कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट के कोई तीन गुण लिखिए।
Write any three properties of calcium ammonium nitrate.- यह एक दानेदार उर्वरक है जो पानी में आसानी से घुल जाता है।
- इसमें नाइट्रोजन (लगभग 26%) और कैल्शियम (लगभग 8%) होता है।
- यह अम्लीय मृदा को सुधारने में सहायक होता है और पौधों को तत्काल नाइट्रोजन प्रदान करता है।
-
पौधों की वृद्धि पर वायु प्रदूषण का प्रभाव लिखिए।
Write the effect of air pollution on plants growth.वायु प्रदूषण (जैसे SO₂, NO₂, O₃) पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है, प्रकाश संश्लेषण की दर को कम करता है, पत्तियों पर धब्बे और पीलापन उत्पन्न करता है, तथा पौधों की वृद्धि और उपज को कम करता है।
-
दूध का आपेक्षिक घनत्व एवं अम्लता प्रतिशत ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
Write the formula to determine the specific gravity and acidity percentage of milk.आपेक्षिक घनत्व (Specific Gravity): दूध का आपेक्षिक घनत्व = (दूध का भार) / (समान आयतन के जल का भार) या लैक्टोमीटर द्वारा मापा जाता है।
अम्लता प्रतिशत (Acidity Percentage): अम्लता % = (प्रयुक्त NaOH का आयतन × NaOH की नॉर्मलता × 0.09 × 100) / (दूध का आयतन)
खण्ड-स
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (शब्द सीमा लगभग 400 शब्द)
Long Answer Type Questions (Word limit approximately 400 words).
4. लवणीय एवं क्षारीय मृदाओं के सुधार हेतु भौतिक एवं जल तकनीक विधि का वर्णन कीजिए।
Describe the physical and hydro technical methods for reclamation of saline and sodic soils.
भौतिक एवं जल तकनीक विधियाँ:
भौतिक विधियाँ:
- गहरी जुताई: मृदा की कठोर परत को तोड़ने के लिए गहरी जुताई की जाती है, जिससे जल निकासी में सुधार होता है और लवण नीचे की ओर धुल जाते हैं।
- सतह समतलीकरण: खेत को समतल करके जल के एकसमान वितरण और निकासी को सुनिश्चित किया जाता है, जिससे लवणों का संचय कम होता है।
- जल निकासी व्यवस्था: खुले नालों या भूमिगत पाइपों द्वारा अतिरिक्त जल और लवणों को बाहर निकाला जाता है।
जल तकनीक विधियाँ:
- फ्लशिंग (धुलाई): मृदा की सतह पर अधिक मात्रा में पानी देकर लवणों को नीचे की ओर धोया जाता है। इसके लिए अच्छी जल निकासी आवश्यक है।
- लीचिंग: मृदा में से अतिरिक्त लवणों को हटाने के लिए आवश्यकता से अधिक सिंचाई जल का प्रयोग किया जाता है। लीचिंग की आवश्यकता मृदा की लवणता और जल की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।
- सिंचाई प्रबंधन: ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी कुशल सिंचाई विधियों का उपयोग करके जल के उपयोग को नियंत्रित किया जाता है और लवण संचय को कम किया जाता है।
इन विधियों के संयुक्त उपयोग से लवणीय एवं क्षारीय मृदाओं को सुधारा जा सकता है।
5. लवणीय एवं क्षारीय मृदाओं के लिए जैविक सुधार विधि का वर्णन कीजिए।
Describe the biological reclamation method for the saline and sodic soils.
जैविक सुधार विधि: इस विधि में जीवों और पादपों का उपयोग करके मृदा की लवणता और क्षारीयता को कम किया जाता है।
- हरी खाद एवं जैविक खाद: ढैंचा, सनई आदि हरी खाद वाली फसलों को उगाकर मृदा में मिलाने से कार्बनिक पदार्थ बढ़ता है, जो मृदा की संरचना में सुधार करता है और लवणों के प्रभाव को कम करता है।
- लवण सहिष्णु फसलें: जौ, चुकंदर, कपास, धान आदि लवण सहिष्णु फसलों को उगाकर मृदा से लवणों का अवशोषण किया जाता है।
- जैव उर्वरक: एज़ोटोबैक्टर, राइज़ोबियम, फॉस्फेट घोलने वाले जीवाणु आदि का उपयोग करके मृदा की उर्वरता बढ़ाई जाती है और लवणीय परिस्थितियों में पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार किया जाता है।
- वृक्षारोपण: बबूल, नीम, शीशम आदि लवण सहिष्णु वृक्ष लगाकर मृदा की जैविक गतिविधि बढ़ाई जाती है और भूमि का सुधार किया जाता है।
यह विधि पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी है।
6. मृदा में म्यूरिएट ऑफ पोटाश का संगठन, गुण एवं अभिक्रिया लिखिए।
Write the composition, properties and reaction of muriate of potash in soil.
म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP) - KCl:
- संगठन: इसमें पोटैशियम (K) की मात्रा 60% (K₂O के रूप में) और क्लोरीन (Cl) की मात्रा 47-48% होती है। यह एक सफेद या लाल रंग का क्रिस्टलीय लवण है।
- गुण:
- यह जल में शीघ्र घुलनशील है।
- इसमें उच्च नमी अवशोषण क्षमता (हाइग्रोस्कोपिक) होती है, इसलिए इसे सूखी जगह पर रखना चाहिए।
- यह शारीरिक रूप से अम्लीय उर्वरक है, क्योंकि पौधे K⁺ आयन अधिक लेते हैं और Cl⁻ आयन मृदा में रह जाता है।
- मृदा में अभिक्रिया:
- मृदा में घुलने पर यह K⁺ और Cl⁻ आयनों में वियोजित हो जाता है।
- K⁺ आयन मृदा के कोलॉइडी कणों पर अवशोषित हो जाता है और पौधों के लिए उपलब्ध होता है।
- Cl⁻ आयन मृदा में गतिशील रहता है और अधिक मात्रा में होने पर पौधों के लिए हानिकारक हो सकता है, विशेषकर संवेदनशील फसलों (जैसे तम्बाकू, आलू) के लिए।
- यह मृदा के pH को थोड़ा कम कर सकता है।
अथवा / OR
6. मृदा में डाईअमोनियम फॉस्फेट का संगठन, गुण एवं अभिक्रिया लिखिए।
Write the composition, properties and reaction of diammonium phosphate in soil.
डाईअमोनियम फॉस्फेट (DAP) - (NH₄)₂HPO₄:
- संगठन: इसमें नाइट्रोजन (N) 18% और फॉस्फोरस (P₂O₅) 46% होता है। यह एक दानेदार, गहरे भूरे रंग का उर्वरक है।
- गुण:
- यह जल में पूर्णतः घुलनशील है।
- इसका pH 7.5-8.0 के बीच होता है, अतः यह क्षारीय प्रकृति का है।
- यह शारीरिक रूप से अम्लीय उर्वरक है, क्योंकि पौधे NH₄⁺ आयन अधिक लेते हैं और H⁺ आयन छोड़ते हैं।
- मृदा में अभिक्रिया:
- मृदा में घुलने पर यह NH₄⁺ और HPO₄²⁻ आयनों में वियोजित हो जाता है।
- NH₄⁺ आयन मृदा के कोलॉइडी कणों पर अवशोषित हो जाता है और धीरे-धीरे नाइट्रीकरण द्वारा NO₃⁻ में परिवर्तित होता है।
- HPO₄²⁻ आयन मृदा में कैल्शियम, आयरन या एल्युमिनियम के साथ अभिक्रिया करके अघुलनशील फॉस्फेट बना सकता है, जो पौधों के लिए कम उपलब्ध होता है।
- यह मृदा के pH को थोड़ा कम करता है।
7. दूध को परिभाषित कीजिए तथा इसके संगठन को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
Define milk and describe the factors affecting its composition.
दूध की परिभाषा: दूध एक पूर्ण आहार है, जो स्तनधारी प्राणियों की स्तन ग्रंथियों से स्रावित होता है। इसमें जल, वसा, प्रोटीन, लैक्टोज (शर्करा), खनिज लवण और विटामिन पाए जाते हैं। यह नवजात शिशु के लिए संपूर्ण भोजन है।
दूध के संगठन को प्रभावित करने वाले कारक:
- पशु की नस्ल: विभिन्न नस्लों के दूध में वसा और प्रोटीन की मात्रा भिन्न होती है। जैसे, गिर गाय के दूध में वसा अधिक होती है।
- आहार: पशु के आहार में हरे चारे, सांद्रित आहार और खनिजों की मात्रा दूध की संरचना को प्रभावित करती है।
- दुग्धकाल: दुग्धकाल की शुरुआत में दूध में वसा कम और प्रोटीन अधिक होता है, जबकि अंत में वसा बढ़ जाती है।
- मौसम: गर्मी के मौसम में दूध में वसा की मात्रा कम हो जाती है, जबकि सर्दियों में बढ़ जाती है।
- स्वास्थ्य: रोगग्रस्त पशुओं के दूध की संरचना बदल जाती है, जैसे मास्टाइटिस में दूध में कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है।
- दुहने का समय और अंतराल: सुबह और शाम के दूध में वसा की मात्रा भिन्न होती है। दुहने के अंतराल के बढ़ने से वसा कम हो जाती है।
अथवा / OR
7. विपणित दूध को परिभाषित कीजिए तथा इसके प्रकार का वर्णन कीजिए।
Define market milk and describe its types.
विपणित दूध की परिभाषा: विपणित दूध वह दूध है जिसे उपभोक्ताओं को बिक्री के लिए तैयार किया जाता है। इसे संग्रह, प्रसंस्करण, पाश्चुरीकरण, समरूपीकरण और पैकेजिंग के बाद बाजार में उतारा जाता है।
विपणित दूध के प्रकार:
- पाश्चुरीकृत दूध: इसे 63°C पर 30 मिनट या 72°C पर 15 सेकंड तक गर्म करके रोगाणुओं को नष्ट किया जाता है। यह सबसे सामान्य प्रकार है।
- समरूपीकृत दूध: इसे उच्च दबाव से गुजारकर वसा के कणों को छोटा किया जाता है, जिससे क्रीम अलग नहीं होती।
- मानकीकृत दूध: इसमें वसा और ठोस पदार्थों की मात्रा को एक निश्चित स्तर पर समायोजित किया जाता है (जैसे 4.5% वसा, 8.5% एसएनएफ)।
- टोंड दूध: इसमें वसा की मात्रा कम (लगभग 3%) और एसएनएफ अधिक (लगभग 8.5%) होती है।
- डबल टोंड दूध: इसमें वसा और भी कम (लगभग 1.5%) होती है।
- फ्लेवर्ड दूध: इसमें चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, वेनिला आदि स्वाद मिलाए जाते हैं।
- फोर्टिफाइड दूध: इसमें विटामिन A, D या खनिज मिलाए जाते हैं।
खण्ड - 2
निबंधात्मक प्रश्न (शब्द सीमा लगभग 250 शब्द)
प्रश्न 7. पादप पोषक तत्वों को परिभाषित कीजिए तथा पोषक तत्वों के अधिग्रहण की क्रियाविधि का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Define plant nutrients and describe in detail the mechanism of nutrient absorption in plants.
[1+3=4]
पादप पोषक तत्वों की परिभाषा: पादप पोषक तत्व वे रासायनिक तत्व हैं जो पौधों की वृद्धि, विकास और प्रजनन के लिए आवश्यक होते हैं। ये तत्व पौधों द्वारा मिट्टी, जल और वायु से ग्रहण किए जाते हैं। इनकी कमी से पौधों में विभिन्न लक्षण दिखाई देते हैं और वृद्धि रुक जाती है।
पोषक तत्वों के अधिग्रहण की क्रियाविधि: पादप पोषक तत्वों का अधिग्रहण मुख्यतः जड़ों द्वारा किया जाता है। इसकी क्रियाविधि निम्नलिखित है:
- निष्क्रिय अवशोषण (Passive Absorption): इसमें पोषक तत्व कोशिका झिल्ली के आर-पार बिना ऊर्जा खर्च किए विसरण (Diffusion) द्वारा अंदर आते हैं। यह सांद्रता प्रवणता के अनुसार होता है।
- सक्रिय अवशोषण (Active Absorption): इसमें पोषक तत्व सांद्रता प्रवणता के विपरीत ऊर्जा (ATP) खर्च करके कोशिका में प्रवेश करते हैं। यह वाहक प्रोटीन (Carrier Proteins) की सहायता से होता है।
- आयन विनिमय (Ion Exchange): जड़ों द्वारा स्रावित H⁺ और HCO₃⁻ आयन मिट्टी के कणों पर स्थित पोषक आयनों से विनिमय कर उन्हें मुक्त करते हैं, जिससे पौधे उन्हें ग्रहण कर सकें।
- माइकोराइजा सहायता (Mycorrhizal Association): कवक जड़ों के साथ सहजीवी संबंध बनाकर पोषक तत्वों, विशेषकर फास्फोरस, के अवशोषण में सहायता करते हैं।
प्रश्न 8. लाभदायक पोषक तत्वों से क्या अभिप्राय है? पोषक तत्वों की उपलब्धता को प्रभावित करने वाले कारकों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
What is meant by beneficial nutrients? Describe in detail the factors that affect the availability of nutrients.
लाभदायक पोषक तत्व (Beneficial Nutrients): लाभदायक पोषक तत्व वे तत्व हैं जो सभी पौधों के लिए अनिवार्य नहीं होते, लेकिन कुछ विशिष्ट पौधों की वृद्धि और विकास में सहायक होते हैं। उदाहरण: सोडियम (Na), सिलिकॉन (Si), कोबाल्ट (Co), सेलेनियम (Se) आदि। ये तत्व पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और तनाव सहन करने में मदद करते हैं।
पोषक तत्वों की उपलब्धता को प्रभावित करने वाले कारक:
- मृदा pH: मृदा का pH पोषक तत्वों की घुलनशीलता को प्रभावित करता है। अधिक अम्लीय या क्षारीय मृदा में पोषक तत्वों की उपलब्धता कम हो जाती है।
- मृदा का कार्बनिक पदार्थ: कार्बनिक पदार्थ पोषक तत्वों को धारण करने की क्षमता बढ़ाता है और उन्हें धीरे-धीरे मुक्त करता है।
- मृदा की बनावट और संरचना: चिकनी मिट्टी में पोषक तत्व अधिक समय तक रहते हैं जबकि बलुई मिट्टी से वे जल्दी निकल जाते हैं।
- नमी और वातन: अत्यधिक नमी या जलभराव से पोषक तत्वों का अवशोषण बाधित होता है। उचित वातन आवश्यक है।
- तापमान: उचित तापमान पर सूक्ष्मजीवी गतिविधि बढ़ती है, जिससे पोषक तत्वों का खनिजीकरण तेज होता है।
- अन्य पोषक तत्वों की उपस्थिति: कुछ पोषक तत्व एक-दूसरे के अवशोषण में प्रतिस्पर्धा या सहयोग करते हैं (जैसे K और Mg के बीच प्रतिस्पर्धा)।
प्रश्न 9. जैविक खाद को परिभाषित कीजिए। मृदा पर इसके प्रभावों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
Define organic manure. Describe in detail its effects on soil.
[4+3]
जैविक खाद की परिभाषा: जैविक खाद वह कार्बनिक पदार्थ है जो पौधों और जानवरों के अपशिष्टों से प्राप्त होता है और मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें गोबर की खाद, कम्पोस्ट, वर्मीकम्पोस्ट, हरी खाद आदि शामिल हैं।
मृदा पर जैविक खाद के प्रभाव:
- मृदा की भौतिक संरचना में सुधार: जैविक खाद मृदा की बनावट को दानेदार बनाती है, जिससे वातन और जल धारण क्षमता बढ़ती है।
- जल धारण क्षमता में वृद्धि: कार्बनिक पदार्थ मृदा में जल को अधिक समय तक रोके रखता है, जिससे सिंचाई की आवश्यकता कम होती है।
- पोषक तत्वों की उपलब्धता: जैविक खाद धीरे-धीरे विघटित होकर पौधों को आवश्यक सूक्ष्म और स्थूल पोषक तत्व प्रदान करती है।
- सूक्ष्मजीवी गतिविधि में वृद्धि: यह लाभदायक सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया, फफूंद, केंचुए) के लिए भोजन प्रदान करती है, जिससे मृदा की जैविक गतिविधि बढ़ती है।
- मृदा के pH को संतुलित करना: जैविक खाद मृदा के pH को स्थिर रखने में सहायता करती है और अम्लीय या क्षारीय प्रभाव को कम करती है।
- अपरदन नियंत्रण: मृदा की संरचना में सुधार करके यह जल और वायु अपरदन को कम करती है।
अथवा
प्रश्न 9 (वैकल्पिक). हरी खाद को परिभाषित कीजिए। इसे बनाने की विधि का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
Define green manure. Describe in detail the method of preparing it.
हरी खाद की परिभाषा: हरी खाद एक प्रकार की जैविक खाद है जिसमें हरे पौधों (विशेषकर फलीदार फसलों) को मृदा में मिलाकर सड़ाया जाता है। यह मृदा की उर्वरता बढ़ाने और कार्बनिक पदार्थ प्रदान करने का एक प्रभावी तरीका है।
हरी खाद बनाने की विधि:
- फसल का चयन: सबसे पहले उपयुक्त फलीदार फसल जैसे ढैंचा (Sesbania), सनई (Crotalaria), मूंग, लोबिया आदि का चयन किया जाता है।
- बुवाई: चयनित फसल के बीजों को खेत में उचित दूरी पर बोया जाता है। आमतौर पर 45-60 दिनों की फसल उगाई जाती है।
- फसल की वृद्धि: फसल को फूल आने की अवस्था तक उगने दिया जाता है। इस समय पौधों में अधिकतम नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थ होते हैं।
- कटाई और मिलाना: फसल को जड़ सहित काटकर खेत में फैला दिया जाता है। फिर इसे मिट्टी में मिलाने के लिए हल या रोटावेटर का उपयोग किया जाता है।
- सड़ने की प्रक्रिया: मिट्टी में मिलाने के बाद हरे पौधे सड़ने लगते हैं। इसके लिए खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखी जाती है। लगभग 2-3 सप्ताह में यह पूरी तरह सड़ जाती है।
- मुख्य फसल की बुवाई: हरी खाद के सड़ जाने के बाद खेत को तैयार कर मुख्य फसल की बुवाई की जाती है।
लाभ: हरी खाद मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती है, कार्बनिक पदार्थ प्रदान करती है, मृदा की संरचना में सुधार करती है और खरपतवारों को नियंत्रित करती है।