RBSE Class 9th 2024 Hindi-A-1-2024 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 9th |
| Exam year | 2024 |
| Subject | Hindi-A-1-2024 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 9th 2024 Hindi-A-1-2024
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Rajasthan Board Class 9th Hindi-A-1-2024 2024 solved Previous Year Question Papers
वार्षिक परीक्षा सत्र 2023-2024
HAI—X (नवमी) – विषय: हिन्दी
समय: 3¼ घंटे पूर्णांक: 80
निर्देश:
- सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
- विद्यार्थी अपने नामांक प्रश्न-पत्र पर अनिवार्यतः लिखें।
- प्रत्येक प्रश्न के अंक प्रश्न के सामने अंकित हैं।
खण्ड: अ
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
श्रद्धा एक सामाजिक भाव है। समाज के कामों में हम जो श्रद्धा प्रकट करते हैं, वह केवल उसी व्यक्ति के प्रति नहीं होती जिसके प्रति हम श्रद्धा रखते हैं, बल्कि उस समाज के प्रति होती है जिसके अंतर्गत वह व्यक्ति आता है। श्रद्धा स्वयं ऐसे कर्मों के प्रतिकार में होती है, जिसका शुभ प्रभाव अकेले हम पर ही नहीं बल्कि सारे मनुष्य समाज पर पड़ सकता है। श्रद्धा एक ऐसी आनंद पूर्ण कृतज्ञता है, जिसे हम केवल समाज के प्रतिनिधि रूप में प्रकट करते हैं। सदाचार पर श्रद्धा और अत्याचार पर क्रोध या घृणा प्रकट करने के लिए समाज ने प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिनिधित्व प्रदान कर रखा है। यह काम उसने इतना भारी समझा है कि उसका भार सारे मनुष्यों को बाँट दिया है, दो चार मानवीय लोगों के हाथ पर नहीं छोड़ रखा है। जिस समाज में सदाचार पर श्रद्धा और अत्याचार पर क्रोध प्रकट करने के लिए जितने अधिक लोग तत्पर पाए जाएंगे उतना ही वह समाज जागृत समझा जाएगा। श्रद्धा की सामाजिक विशेषता एक इसी बात से समझ लीजिए कि जिस पर हम श्रद्धा रखते हैं उस पर चाहते हैं कि और लोग भी श्रद्धा रखें। पर जिस पर हमारा प्रेम होता है उससे और दस-पाँच आदमी प्रेम रखें, इसको हमें परवाह क्या, इच्छा ही नहीं होती, क्योंकि हम प्रिय पर लोभवश एक प्रकार का अनन्य अधिकार या इजारा चाहते हैं।
-
(i) श्रद्धा की सामाजिक विशेषता है –
- (क) श्रद्धेय से सब श्रद्धा-भाव रखे। ✓ सही उत्तर
- (ख) श्रद्धेय से सब प्रेम-भाव रखे।
- (ग) श्रद्धेय से सब क्रोध-भाव रखे।
- (घ) श्रद्धेय से सब स्नेह-भाव रखे।
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, श्रद्धा की सामाजिक विशेषता यह है कि हम चाहते हैं कि जिस पर हम श्रद्धा रखते हैं, उस पर और लोग भी श्रद्धा रखें। अतः विकल्प (क) सही है।
-
(ii) श्रद्धा अपने भाव में किसको शामिल करना चाहती है?
- (क) स्वयं को
- (ख) दूसरों को ✓ सही उत्तर
- (ग) परिजनों को
- (घ) संसार को
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट है कि श्रद्धा एक सामाजिक भाव है और हम चाहते हैं कि अन्य लोग भी उसी व्यक्ति पर श्रद्धा रखें। इस प्रकार श्रद्धा अपने भाव में दूसरों को शामिल करना चाहती है। अतः विकल्प (ख) सही है।
प्रश्न 1. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(ii) प्रिय पर लोभवश अनन्य अधिकार चाहते हैं -
- (क) भक्ति में
- (ख) श्रद्धा में
- (ग) प्रेम में
- (घ) उपर्युक्त सभी
(iv) समाज के प्रतिनिधि रूप में प्रकट की जाती है ?
- (क) भक्ति
- (ख) नीति
- (ग) श्रद्धा
- (घ) प्रेम
(५) श्रद्धा उत्पन्न होती है -
- (क) कर्मों के शुभ प्रभाव में
- (ख) कर्मों के प्रतिकार रूप में
- (ग) कर्मों के उपकार रूप में
- (घ) 'ख' और 'ग' दोनों रूपों में
(vi) श्रद्धा और प्रेम में किसका अधिक महत्व है ?
- (क) श्रद्धा का
- (ख) प्रेम का
- (ग) दोनों का
- (घ) किसी का नहीं
(vii) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक है -
- (क) श्रद्धा और प्रेम
- (ख) श्रद्धा का महत्व
- (ग) सदाचार और श्रद्धा
- (घ) प्रेम का महत्व
(viii) 'प्रतिनिधि' शब्द में समास है -
- (क) अव्ययीभाव समास
- (ख) तत्पुरुष समास
- (ग) कर्मधारय समास
- (घ) द्विगु समास
प्रश्न 2. निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
घेर घेर घोर गगन धाराधर ओ!
ललित ललित काले घुंघराले, बाल कल्पना के - से पाले,
विद्युत छवि उर में, कवि नवजीवन वाले छिपा, नूतन कविता
फिर भर दो -
बादल, गरजो! विकल उन्मन, उन्मन हो उन्मन
विश्व के निदाघ के सकल जन, आए अज्ञात दिशा से अनंत के धन!
तप्त धरा, जल से फिर शीतल कर दो -
"बादल, गरजो!"
(i) कवि बादल से क्या करने के लिए कहता है?
- (क) वर्षा नहीं करने के लिए
- (ख) यहाँ से जाने के लिए
- (ग) घनघोर गर्जना करने के लिए
- (घ) छाया करने के लिए
(ii) 'निदाघ' शब्द से क्या तात्पर्य है?
- (क) जलना
- (ख) ग्रीष्म ऋतु
- (ग) बादल
- (घ) दाग रहित
प्रश्न 2 (iii) से (vii) – काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न
-
(iii) धरा किस कारण तप्त बतायी गयी है?
- (क) बादल की गर्जना से
- (ख) अत्यधिक गर्मी एवं लू से
- (ग) ज्वालाग्नि के कारण
- (घ) इनमें से कोई नहीं
सही उत्तर: (ख) अत्यधिक गर्मी एवं लू से
व्याख्या: कवितांश में धरा को अत्यधिक गर्मी और लू के कारण तप्त (गर्म) बताया गया है।
-
(iv) कवितांश में बादल की उपमा किससे दी गई है?
- (क) कवि से
- (ख) अज्ञात दिशा से
- (ग) नूतन कविता से
- (घ) बाल-कल्पना से
सही उत्तर: (ग) नूतन कविता से
व्याख्या: कवि ने बादल की तुलना नई कविता (नूतन कविता) से की है, जो नवीनता और सृजन का प्रतीक है।
-
(v) निम्न में से 'बादल' शब्द का पर्यायवाची नहीं है?
- (क) मेघ
- (ख) जलद
- (ग) घन
- (घ) पय
सही उत्तर: (घ) पय
व्याख्या: 'पय' का अर्थ 'दूध' या 'जल' होता है, यह बादल का पर्यायवाची नहीं है। मेघ, जलद और घन सभी बादल के समानार्थी शब्द हैं।
-
(vi) उपर्युक्त काव्यांश का उचित शीर्षक बताइए:
- (क) बादल गरजो
- (ख) नवजीवन
- (ग) विश्व के निदाघ
- (घ) नूतन कविता
सही उत्तर: (क) बादल गरजो
व्याख्या: काव्यांश में बादल को गरजने का आह्वान किया गया है, इसलिए 'बादल गरजो' उपयुक्त शीर्षक है।
-
(vii) 'विकल फेमे से थे सम' पंक्ति में कौन सा अलंकार है?
- (क) यमक अलंकार
- (ख) श्लेष अलंकार
- (ग) उपमा अलंकार
- (घ) अनुप्रास अलंकार
सही उत्तर: (ग) उपमा अलंकार
व्याख्या: इस पंक्ति में 'सम' शब्द (समानता दर्शाने वाला) के प्रयोग से उपमा अलंकार है, जहाँ किसी की तुलना किसी और से की गई है।
प्रश्न 3 – रिक्त स्थानों की पूर्ति
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(i) “लेखिका' शब्द में ................. प्रत्यय है।
उत्तर: इका (लेखक + इका = लेखिका)
-
(ii) संज्ञा व सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को ................. कहते हैं।
उत्तर: विशेषण
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(iii) 'वीन' में ................. उपसर्ग है।
उत्तर: वि (वि + ईन = वीन)
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(iv) “अनुज' का विलोम ................. है।
उत्तर: अग्रज (अनुज = छोटा भाई, अग्रज = बड़ा भाई)
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(v) परसर्ग 'ने' के कारण क्रिया सदा ................. में होती है।
उत्तर: पुल्लिंग (परसर्ग 'ने' के प्रयोग से क्रिया कर्ता के लिंग और वचन के अनुसार न होकर सदा पुल्लिंग में होती है।)
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(vi) “आँखों का तारा होना' मुहावरे का अर्थ .................
उत्तर: बहुत प्रिय होना (जैसे: वह अपनी माँ की आँखों का तारा है।)
-
(vii) 'वार' का पर्यायवाची ................. है।
उत्तर: दिन (वार = दिन, जैसे सोमवार, मंगलवार)
-
(viii) वाक्य के ................. अंग होते हैं।
उत्तर: दो (वाक्य के दो अंग होते हैं – उद्देश्य और विधेय)
खण्ड: ब – अति लघूत्तरात्मक प्रश्न (प्रश्न 4)
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(i) “सुत-सूत' युग्म शब्दों का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'सुत' का अर्थ 'पुत्र' और 'सूत' का अर्थ 'सारथी' या 'रथ चलाने वाला' होता है। ये शब्द युग्म (समान ध्वनि वाले भिन्न अर्थ वाले) हैं।
-
(ii) “परसर्ग' किसे कहते हैं?
उत्तर: परसर्ग वे शब्द या प्रत्यय हैं जो संज्ञा या सर्वनाम के बाद लगकर उनका संबंध क्रिया या अन्य शब्दों से बताते हैं, जैसे – ने, को, से, के लिए, में, पर आदि।
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(iii) “स्त्री दर्पण” क्या है?
उत्तर: 'स्त्री दर्पण' एक पत्रिका (मैगज़ीन) है जो महिलाओं के मुद्दों, शिक्षा और सशक्तिकरण पर केंद्रित होती है। (पाठ्यक्रम के अनुसार यह एक रचना या पत्रिका का नाम हो सकता है।)
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(iv) तहमीना कौन है?
उत्तर: तहमीना एक पात्र है जो किसी कहानी या पाठ में आता है। (पाठ्यक्रम के अनुसार यह किसी रचना की नायिका या महत्वपूर्ण पात्र हो सकती है।)
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(v) तिब्बत में बनने वाली चाय की विशेषता क्या है?
उत्तर: तिब्बत में बनने वाली चाय में नमक और मक्खन (याक के दूध का) मिलाया जाता है, जो इसे अन्य चायों से अलग बनाता है। इसे 'बटर टी' या 'पो चा' कहते हैं।
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(vi) कवि ने वर्तमान की भयानक पंक्ति किसे बताया है?
उत्तर: कवि ने वर्तमान की भयानक पंक्ति को 'युद्ध' या 'संघर्ष' बताया है, जो मानवता के लिए विनाशकारी है। (पाठ्यक्रम के अनुसार यह किसी कविता की पंक्ति का संदर्भ हो सकता है।)
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(vii) मेघ किस रूप में गाँव में आये थे?
उत्तर: मेघ (बादल) गाँव में वर्षा करने वाले बादलों के रूप में आये थे, जो सूखे और गर्मी से राहत देते हैं।
लघु उत्तरीय प्रश्न
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"ओखली गरम करना" मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए।
अर्थ: किसी काम को करने के लिए तैयार हो जाना या किसी को सबक सिखाने के लिए तैयार रहना।
वाक्य: राम ने अपने दुश्मन को सबक सिखाने के लिए ओखली गरम कर ली थी।
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वाक्य किसे कहते हैं? रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार लिखिए।
वाक्य: शब्दों का वह सार्थक समूह जो पूर्ण अर्थ प्रकट करे, वाक्य कहलाता है।
रचना के आधार पर वाक्य के प्रकार:
- सरल वाक्य: जिसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो। (जैसे: राम पढ़ता है।)
- संयुक्त वाक्य: जो दो या दो से अधिक सरल वाक्यों से मिलकर बना हो। (जैसे: राम पढ़ता है और श्याम खेलता है।)
- मिश्र वाक्य: जिसमें एक प्रधान वाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों। (जैसे: जो लड़का वहाँ खड़ा है, वह मेरा भाई है।)
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लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है?
लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को चुनौती इसलिए कहा है क्योंकि यह लोगों को अधिक से अधिक खरीदने और उपभोग करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे पारंपरिक मूल्यों, सादगी और सामाजिक संबंधों का ह्रास होता है। यह समाज में असमानता और पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म देती है।
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लेखिका उर्दू-फारसी क्यों नहीं सीख पाई?
लेखिका उर्दू-फारसी इसलिए नहीं सीख पाई क्योंकि उनके पिता का तबादला होने के कारण उनका स्कूल बदल गया और नए स्कूल में उर्दू-फारसी की पढ़ाई नहीं होती थी। इसके अलावा, उनकी रुचि हिंदी और संस्कृत में अधिक थी।
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कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति विषयक मूल्य उभरकर आए हैं?
कहानी में बैलों के माध्यम से नीति विषयक मूल्य जैसे आज्ञाकारिता, परिश्रम, स्वामीभक्ति, सहनशीलता, और न्याय की भावना उभरकर आई हैं। बैल अपने मालिक के प्रति वफादार रहते हैं और कठिन परिश्रम करते हैं, जो मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक है।
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'मोको कहाँ ढूँढे रे बंदे' पद में कबीर ने क्या संदेश दिया है?
कबीर ने इस पद में संदेश दिया है कि ईश्वर बाहर कहीं नहीं, बल्कि हर प्राणी के हृदय में विराजमान है। व्यर्थ में तीर्थ-स्थानों या मंदिरों में भटकने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपने अंतर में झाँककर उसे पाया जा सकता है।
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माँ का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है?
माँ का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान इसलिए है क्योंकि उसके जाने से घर का पूरा वातावरण बिखर जाता है। बच्चों की देखभाल, खाना-पीना, और घर का सारा काम ठप हो जाता है, जैसे किसी प्राकृतिक आपदा से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो जाए।
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"रीढ़ की हड्डी" शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
"रीढ़ की हड्डी" शीर्षक इसलिए सार्थक है क्योंकि यह कहानी उन लोगों के बारे में है जो समाज की रीढ़ की तरह होते हैं—वे सीधे, ईमानदार और सच्चे होते हैं, लेकिन समाज उन्हें तोड़ने की कोशिश करता है। यह शीर्षक मानवीय चरित्र की दृढ़ता और सच्चाई को दर्शाता है।
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प्रदूषित क्षेत्र में कौन-कौन सी बीमारियाँ फैलने की आशंका रहती है?
प्रदूषित क्षेत्र में श्वसन संबंधी बीमारियाँ (जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस), त्वचा रोग, हृदय रोग, कैंसर, और आँखों की समस्याएँ फैलने की आशंका रहती है। वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण के कारण ये बीमारियाँ आम हो जाती हैं।
गद्यांश पर आधारित प्रश्न
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर उत्तर पुस्तिका में लिखिए।
एक दिन उन्होंने कहा, महादेवी, तुम कविता लिखती हो ? तो मैंने डर के मारे कहा 'नहीं'। अंत में उन्होंने मेरी किताबों की तलाशी ली और बहुत सा निकल पड़ा उसमें से | तब जैसे किसी अपराधी को पकड़े है, ऐसे उन्होंने एक हाथ में कागज लिए और एक हाथ में मुझे पकड़ा और पूरे हॉस्टल में दिखा आई कि ये कविता लिखती है। फिर हम दोनों की मित्रता हो गयी। हॉस्टल में एक पेड़ की डाल नीची थी। उस डाल पर लोग बैठ जाते थे और लड़कियाँ खेलती थीं तब हम लोग तुक मिलाते थे।
-
(i) महादेवी ने सुभद्रा से झूठ क्यों बोला?
महादेवी ने सुभद्रा से झूठ इसलिए बोला क्योंकि वह डर गई थीं कि कहीं उनकी कविता लिखने की बात सामने न आ जाए। उन्हें लगा कि इससे उन्हें डाँट या सजा मिल सकती है।
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(ii) क्रॉस्थवेट क्या है?
क्रॉस्थवेट हॉस्टल का एक स्थान या क्षेत्र है, जहाँ लड़कियाँ बैठती और खेलती थीं। यह एक पेड़ की नीची डाल पर बना था।
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(iii) क्रॉस्थवेट की क्या विशेषता थी?
क्रॉस्थवेट की विशेषता यह थी कि वहाँ एक पेड़ की नीची डाल थी, जिस पर लोग बैठ जाते थे और लड़कियाँ खेलती थीं। यह एक मिलन स्थल था जहाँ लेखिका और सुभद्रा तुक मिलाती थीं।
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(iv) जब सब खेलते थे, उस समय लेखिका क्या करती थी?
जब सब खेलते थे, उस समय लेखिका और सुभद्रा तुक मिलाती थीं, यानी कविता की पंक्तियाँ रचती थीं।
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(v) सुभद्राजी ने किसकी तलाशी ली?
सुभद्राजी ने महादेवी की किताबों की तलाशी ली, जिसमें से उनकी लिखी कविताएँ निकलीं।
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(vi) सुभद्राजी पूरे हॉस्टल में क्या दिखा आई?
सुभद्राजी पूरे हॉस्टल में यह दिखा आई कि महादेवी कविता लिखती हैं। उन्होंने एक हाथ में कागज और दूसरे में महादेवी को पकड़कर सबको बताया।
अथवा
लेकिन गधे का एक छोटा भाई और भी है जो उससे कम ही गधा है और वह है बैल। जिस अर्थ में हम गधे का प्रयोग करते हैं कुछ उसी से मिलते जुलते अर्थ में बैल या ताऊ का भी प्रयोग करते हैं। कुछ लोग बैल को शायद बेवकूफों में सर्वश्रेष्ठ कहेंगे, मगर हमारा विचार ऐसा नहीं है। बैल कभी-कभी मारता भी है।
(गद्यांश पर आधारित प्रश्न इस भाग के लिए उपलब्ध नहीं हैं।)
प्रश्न 14 (गद्यांश पर आधारित)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
भी है कभी-कभी अडियल बैल भी देखने में आता है और भी कई रीतियों से अपना असंतोष प्रकट कर देता है, अतएव उसका स्थान गधे से नीचा है।
-
(i) बैल को गधे का छोटा भाई क्यों कहा गया है?
बैल को गधे का छोटा भाई इसलिए कहा गया है क्योंकि बैल भी गधे की तरह ही मूर्ख और हठी होता है, लेकिन उसकी मूर्खता गधे से कुछ कम होती है।
-
(ii) "बछिया का ताऊ" किसे कहा जाता है?
"बछिया का ताऊ" बैल को कहा जाता है। यह एक लोकोक्ति है जिसका अर्थ है कि बैल बछिया का ताऊ (चाचा) होता है, अर्थात वह उससे संबंधित होता है।
-
(iii) अडियल का क्या अर्थ है?
"अडियल" का अर्थ है – हठी, जिद्दी या अपनी मनमानी करने वाला।
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(iv) हम 'गधे' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में करते हैं?
हम 'गधे' शब्द का प्रयोग मूर्ख, बेवकूफ या हठी व्यक्ति के अर्थ में करते हैं।
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(v) बैल का स्थान गधे से नीचा क्यों है?
बैल का स्थान गधे से नीचा इसलिए है क्योंकि बैल कभी-कभी अडियल (हठी) हो जाता है और अपना असंतोष प्रकट करता है, जबकि गधा अधिक विनम्र और आज्ञाकारी होता है।
-
(vi) यह गद्यांश किसके द्वारा लिखित है?
यह गद्यांश प्रसिद्ध लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित है।
प्रश्न 15 (काव्यांश पर आधारित)
निम्नलिखित पठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
हिंदू मुआ राम कहि, मुसलमान खुदाई।
कहै कबीर सो जीवता जो दुहँ के निकटि न जाई।
-
(i) "हिंदू मुआ राम कहि" से क्या आशय है?
इसका आशय है कि हिंदू व्यक्ति मरते समय 'राम' का नाम लेता है, लेकिन वह सच्चे भाव से नहीं, बल्कि केवल रूढ़ि के कारण लेता है।
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(ii) 'दुहँ के निकटि न जाइ' से कवि ने क्या संदेश दिया है?
कवि ने संदेश दिया है कि सच्चा साधक हिंदू और मुसलमान दोनों के बाहरी आडंबरों से दूर रहता है। वह धर्म के नाम पर किए जाने वाले दिखावे के निकट नहीं जाता।
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(iii) कवि ने इस दोहे में किस भाव को व्यक्त किया है?
कवि ने इस दोहे में धार्मिक एकता और आडंबर विरोधी भाव को व्यक्त किया है। वे कहते हैं कि सच्चा जीवन वही है जो बाहरी धार्मिक दिखावों से परे हो।
-
(iv) कबीर के अनुसार जीवित कौन है?
कबीर के अनुसार वही व्यक्ति सच्चे अर्थों में जीवित है जो हिंदू और मुसलमान दोनों के बाहरी आडंबरों के निकट नहीं जाता, अर्थात जो धर्म के नाम पर दिखावे से दूर रहता है।
-
(v) मुसलमान किसका नाम लेकर मृत्यु प्राप्त करता है?
मुसलमान मरते समय 'खुदा' (अल्लाह) का नाम लेकर मृत्यु प्राप्त करता है।
-
(vi) कवि के अनुसार सच्चे साधक को किसके निकट नहीं जाना चाहिए?
कवि के अनुसार सच्चे साधक को हिंदू और मुसलमान दोनों के बाहरी आडंबरों और धार्मिक दिखावों के निकट नहीं जाना चाहिए।
अथवा (दूसरा काव्यांश)
पीले मीठे अमरूदों में, अब लाल-लाल चित्तियाँ पड़ी
पक गये सुनहले मधुर बेर, अँबली से तरू की डाल जड़ी।
लहलह पालक, महम धनिया, लौकी औ सेमफली फैली
मखमली टमाटर हुए लाल, मिरचों को बड़ी हरी थैली।
-
(i) कविता में अमरूदों की कौन-सी विशेषता बताई गई है?
कविता में अमरूदों की विशेषता बताई गई है कि वे पीले और मीठे हैं, और उनमें अब लाल-लाल चित्तियाँ (धब्बे) पड़ गई हैं, जो उनके पकने का संकेत हैं।
-
(ii) "अँबली से तरू की डाल जड़ी" का क्या आशय है?
इसका आशय है कि बेर के पेड़ की डाल इमली के पेड़ से जुड़ गई है, या इमली के पेड़ की डाल पर बेर लगे हैं, जो प्रकृति के सहज मेल को दर्शाता है।
-
(iii) 'लहलह पालक, महम धनिया' से क्या आशय है?
इसका आशय है कि पालक हरी-भरी और लहलहाती (फैली हुई) है, और धनिया महक रहा है, अर्थात वह सुगंधित और ताजा है।
-
(iv) बेर की विशेषताएँ बताइए।
बेर की विशेषताएँ हैं: वे सुनहले (पीले) रंग के, मधुर (मीठे) और पक गए हैं। वे इमली के पेड़ की डाल से जुड़े हुए हैं।
-
(v) 'लाल-लाल चित्तियाँ' से क्या आशय है?
'लाल-लाल चित्तियाँ' से आशय है कि अमरूदों पर लाल-लाल धब्बे या चकत्ते पड़ गए हैं, जो उनके पूरी तरह पकने का संकेत हैं।
-
(vi) कवि ने टमाटर को किनके समान बताया है?
कवि ने टमाटर को मखमली (मखमल के समान मुलायम) बताया है, और वे लाल हो गए हैं।
प्रश्न 16
कवयित्री ललघद ने परमात्मा की प्राप्ति का क्या उपाय बताया है?
कवयित्री ललघद ने परमात्मा की प्राप्ति का उपाय सच्चे प्रेम और भक्ति को बताया है। उनके अनुसार, बिना सच्चे प्रेम के परमात्मा को पाना संभव नहीं है। साधक को अपने मन को विकारों से मुक्त करके ईश्वर में लीन करना चाहिए।
अथवा
'साँवले सपनों की याद' पाठ से क्या प्रेरणा मिलती है?
'साँवले सपनों की याद' पाठ से प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने बचपन की स्मृतियों और सपनों को संजोकर रखना चाहिए। यह पाठ हमें सिखाता है कि जीवन में सादगी, प्रकृति प्रेम और मानवीय संवेदनाओं का महत्व है। साथ ही, यह हमें अपने अतीत की मिठास और सीख को वर्तमान में भी बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
7. "शिक्षा बच्चों का जन्म सिद्ध अधिकार है।' इस दिशा में लेखिका के प्रयासों का उल्लेख कीजिए।
लेखिका ने शिक्षा को बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार मानते हुए इस दिशा में अनेक प्रयास किए। उन्होंने गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। वे स्कूल न जाने वाले बच्चों को ढूंढकर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करती थीं। उन्होंने अभिभावकों को समझाया कि शिक्षा से ही बच्चों का भविष्य सुधर सकता है। लेखिका ने अपने प्रयासों से कई बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया और उनकी पढ़ाई का खर्च भी उठाया।
अथवा
'रीढ़ की हड्डी' एकांकी का क्या उद्देश्य है? लिखिए।
'रीढ़ की हड्डी' एकांकी का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त आत्मसम्मानहीनता और चाटुकारिता पर व्यंग्य करना है। यह एकांकी दिखाती है कि कैसे लोग अपने स्वाभिमान को त्यागकर दूसरों के सामने झुकते हैं। लेखक ने इस एकांकी के माध्यम से यह संदेश दिया है कि व्यक्ति को अपनी रीढ़ (आत्मसम्मान) को कभी नहीं खोना चाहिए। बिना रीढ़ के इंसान दूसरों की कठपुतली बन जाता है।
8. कवि रसखान का परिचय दीजिए।
रसखान हिंदी साहित्य के भक्तिकालीन कवि हैं। इनका जन्म संवत 1600 के आसपास माना जाता है। ये मुस्लिम धर्मावलंबी थे, लेकिन कृष्ण भक्ति में इतने रम गए कि इन्हें 'रसखान' के नाम से जाना जाता है। इनकी रचनाओं में 'प्रेमवाटिका', 'सुजान रसखान' और 'दानलीला' प्रमुख हैं। रसखान की भाषा ब्रजभाषा है और इन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं और प्रेम का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया है। इनकी रचनाओं में भक्ति और श्रृंगार रस का सुंदर समन्वय मिलता है।
अथवा
मुंशी प्रेमचंद का परिचय दीजिए।
मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के कालजयी कथाकार हैं। इनका जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के पास लमही गाँव में हुआ था। इनका वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। प्रेमचंद ने हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं में लेखन किया। इनकी प्रमुख रचनाओं में 'गोदान', 'गबन', 'निर्मला', 'सेवासदन', 'कर्मभूमि' आदि उपन्यास तथा 'पंच परमेश्वर', 'ईदगाह', 'बड़े भाई साहब' जैसी कहानियाँ शामिल हैं। प्रेमचंद ने अपनी रचनाओं में ग्रामीण जीवन, गरीबी, सामाजिक विषमता और किसानों की समस्याओं को यथार्थ रूप में चित्रित किया।
खण्ड: द
9. उपभोक्तावादी संस्कृति का व्यक्ति विशेष पर क्या प्रभाव पड़ा है? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उपभोक्तावादी संस्कृति का व्यक्ति पर गहरा प्रभाव पड़ा है। पाठ के अनुसार, इस संस्कृति ने व्यक्ति को भौतिकवादी बना दिया है। लोग अब केवल वस्तुओं को खरीदने और उपभोग करने में ही सुख मानते हैं। इससे व्यक्ति के मूल्यों में बदलाव आया है - वह अधिक स्वार्थी और प्रतिस्पर्धी हो गया है। पारिवारिक और सामाजिक संबंध कमजोर हुए हैं। व्यक्ति अपनी आवश्यकता से अधिक वस्तुएँ खरीदता है, जिससे कर्ज और तनाव बढ़ता है। उपभोक्तावाद ने व्यक्ति को उपभोग की वस्तु बना दिया है, जहाँ वह अपनी पहचान भी अपने पास की वस्तुओं से जोड़ने लगा है।
अथवा
"या मुरली मुरलीधर की अधरान धरी अधरान" इसमें निहित भाव एवं शिल्प सौन्दर्य को स्पष्ट कीजिए।
इस पंक्ति में निहित भाव यह है कि कृष्ण की मुरली उनके होठों पर सुशोभित है और वह मुरली स्वयं मुरलीधर (कृष्ण) के अधरों पर बसी हुई है। यहाँ कृष्ण और मुरली के अभिन्न संबंध को दर्शाया गया है। शिल्प सौन्दर्य की दृष्टि से इसमें अनुप्रास अलंकार है - 'मुरली मुरलीधर' और 'अधरान धरी अधरान' में म ध्वनि की आवृत्ति से संगीतात्मकता उत्पन्न हुई है। यमक अलंकार भी है क्योंकि 'अधरान' शब्द का प्रयोग दो बार अलग-अलग अर्थों में हुआ है। भाषा में लय और प्रवाह है जो भक्ति रस को और अधिक मधुर बनाता है।
10. "मेरे संग की औरतें" संस्मरणात्मक पाठ का मूल प्रतिपाद्य क्या है? स्पष्ट कीजिए।
"मेरे संग की औरतें" संस्मरणात्मक पाठ का मूल प्रतिपाद्य स्त्री-पुरुष समानता और महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा है। लेखिका ने अपने जीवन में आई विभिन्न महिलाओं के संघर्षों और उनकी ताकत को दर्शाया है। पाठ में बताया गया है कि महिलाएँ किस प्रकार पारिवारिक और सामाजिक बंधनों में जकड़ी हुई हैं, फिर भी वे अपनी पहचान बनाने का प्रयास करती हैं। लेखिका ने यह संदेश दिया है कि महिलाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनना चाहिए ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।
अथवा
"अच्छा है कुछ भी नहीं। कलम थी वह भी चोरी चली गई। अच्छा है, कुछ भी नहीं... मेरे पास" कैमरा, टेपरिकार्डर आदि की उत्कृष्टता होते हुए भी लेखक ने अंत में उपर्युक्त कथन क्यों कहा?
लेखक ने यह कथन इसलिए कहा क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि भौतिक वस्तुओं की उत्कृष्टता के बावजूद सच्ची संतुष्टि और सुख बाहरी चीजों में नहीं है। कैमरा, टेपरिकार्डर जैसी आधुनिक वस्तुएँ होने पर भी लेखक के पास वह सब कुछ नहीं था जो वास्तव में मूल्यवान है - जैसे मानसिक शांति, संतोष और आत्मिक सुख। कलम के चोरी जाने की घटना ने उन्हें यह सिखाया कि वस्तुओं पर अत्यधिक मोह नहीं रखना चाहिए। लेखक ने यह स्वीकार किया कि बाहरी साधनों के बजाय आंतरिक गुणों का विकास अधिक महत्वपूर्ण है।
11. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 300 शब्दों में निबंध लिखिए:
(1) चुनाव का एक दृश्य
प्रस्तावना: चुनाव लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह वह अवसर है जब जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है। चुनाव के दिन का दृश्य अत्यंत जीवंत और रोचक होता है।
चुनाव का दृश्य: चुनाव के दिन प्रातःकाल से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की भीड़ लग जाती है। महिलाएँ, पुरुष, बूढ़े और युवा सभी अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्सुक रहते हैं। मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए आपस में चर्चा करते रहते हैं।
लोकतंत्र में चुनाव का महत्व: चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ है। इसके माध्यम से जनता अपनी सरकार चुनती है और यदि संतुष्ट नहीं होती तो उसे बदल भी सकती है। चुनाव जनता को सशक्त बनाता है और शासकों को जवाबदेह बनाता है।
चुनाव के दिनों में दिखाई देने वाला दृश्य: चुनाव के दिनों में हर तरफ राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। नारेबाजी, रैलियाँ, जुलूस और सभाएँ होती हैं। दीवारों पर पोस्टर और बैनर लगे होते हैं। प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ वोट माँगते नजर आते हैं।
प्रमुख राजनीतिक दल एवं मतदान दिवस: विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने चुनाव चिन्हों के साथ चुनाव मैदान में उतरते हैं। मतदान दिवस पर सभी दलों के कार्यकर्ता मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करते हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम होते हैं।
उपसंहार: चुनाव का दृश्य लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा एक वोट देश के भविष्य को बदल सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
(2) मेरे आदर्श शिक्षक
प्रस्तावना: शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं। वे विद्यार्थियों को ज्ञान देने के साथ-साथ उन्हें सही मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं। मेरे आदर्श शिक्षक श्री रामस्वरूप जी हैं, जिन्होंने मेरे जीवन को एक नई दिशा दी।
आदरणीय गुरुजी: व्यक्तित्व एवं स्वभाव: मेरे गुरुजी का व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली है। वे सदैव साफ-सुथरे वस्त्र पहनते हैं और उनके चेहरे पर एक मुस्कान रहती है। उनका स्वभाव बहुत मिलनसार और स्नेहपूर्ण है। वे प्रत्येक विद्यार्थी से समान प्रेम करते हैं।
गुरुज