RBSE Class 9th 2024 Rajasthan Ka Swatantrata Andolan-APS (1121)-2024 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 9th
Exam year 2024
Subject Rajasthan Ka Swatantrata Andolan-APS (1121)-2024
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 9th Rajasthan Ka Swatantrata Andolan-APS (1121)-2024 2024 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा 2023-24

कक्षा-9

विषय-राजस्थान का स्वतन्त्रता आंदोलन एवं शौर्य परंपरा

समय : 3.5 घण्टे    पूर्णांक : 80

कुल प्रश्न संख्या-29    कुल पृष्ठ संख्या-4


1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

  1. राजस्थान की जोधपुर रियासत के पोलिटिकल एजेंट निम्न में से कौन थे?

    • (अ) मेजर बर्टन
    • (ब) मोरिसन
    • (स) मैक मैसन
    • (द) ईडन

    सही उत्तर: (अ) मेजर बर्टन

    मेजर बर्टन जोधपुर रियासत के पोलिटिकल एजेंट थे।

  2. "चेतावनी रा चूंगटिया" किसकी रचना है?

    • (अ) महाराणा फतेहसिंह
    • (ब) केसरी सिंह बारहठ
    • (स) कर्जन
    • (द) सेंगा भाई

    सही उत्तर: (ब) केसरी सिंह बारहठ

    यह रचना केसरी सिंह बारहठ द्वारा लिखी गई थी।

  3. "प्रताप" समाचार पत्र के संपादक निम्न में से कौन थे?

    • (अ) विजय सिंह पथिक
    • (ब) गणेश शंकर विद्यार्थी
    • (स) सेठ जवाहर जी
    • (द) अमृता देवी

    सही उत्तर: (ब) गणेश शंकर विद्यार्थी

    गणेश शंकर विद्यार्थी 'प्रताप' समाचार पत्र के संपादक थे।

  4. मेवाड़ भील कोर का मुख्यालय स्थित था?

    • (अ) अजमेर
    • (ब) जोधपुर
    • (स) उदयपुर
    • (द) बीकानेर

    सही उत्तर: (स) उदयपुर

    मेवाड़ भील कोर का मुख्यालय उदयपुर में स्थित था।

  5. अखिल भारतीय देसी लोक परिषद की स्थापना कब हुई?

    • (अ) 1918
    • (ब) 1920
    • (स) 1922
    • (द) 1924

    सही उत्तर: (ब) 1920

    अखिल भारतीय देसी लोक परिषद की स्थापना 1920 में हुई थी।

  6. वृहत राजस्थान का निर्माण कब हुआ?

    • (अ) 30 मार्च, 1949
    • (ब) 30 मार्च, 1950
    • (स) 30 मार्च, 1951
    • (द) 30 मार्च, 1952

    सही उत्तर: (अ) 30 मार्च, 1949

    वृहत राजस्थान का निर्माण 30 मार्च, 1949 को हुआ था।

  7. राजस्थान के किस वीर को सर्वप्रथम महावीर चक्र प्राप्त हुआ?

    • (अ) सूबेदार फागड़या
    • (ब) अभिनंदन वर्धमान
    • (स) सूबेदार रामपाल सिंह
    • (द) शीशराम गिल

    सही उत्तर: (अ) सूबेदार फागड़या

    राजस्थान के सूबेदार फागड़या को सर्वप्रथम महावीर चक्र प्राप्त हुआ था।

राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन (APS-1121) - 2024

बहुविकल्पीय प्रश्न

  1. किसान आंदोलन को एक संगठित रूप किसने दिया?

    • (अ) भोजी लम्बरदार
    • (ब) रूप सिंह
    • (स) मुहम्मद हादी
    • (द) नैनूराम ✓ सही उत्तर

    व्याख्या: नैनूराम ने किसान आंदोलन को संगठित रूप प्रदान किया और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।

  2. बैंगू किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?

    • (अ) जय नारायण व्यास
    • (ब) जमनालाल बजाज
    • (स) रामनारायण चौधरी ✓ सही उत्तर
    • (द) प्रतापसिंह

    व्याख्या: रामनारायण चौधरी ने बैंगू किसान आंदोलन का नेतृत्व किया, जो राजस्थान के किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण था।

  3. मेवाड़ प्रजा मंडल की स्थापना कब हुई?

    • (अ) 1939
    • (ब) 1923
    • (स) 1920
    • (द) 1938 ✓ सही उत्तर

    व्याख्या: मेवाड़ प्रजा मंडल की स्थापना 1938 ई. में हुई थी, जिसने मेवाड़ क्षेत्र में जनजागरण और स्वतंत्रता आंदोलन को बढ़ावा दिया।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. बिश्नोई ने जोहड़ बलिदान दिया था।
  2. नगाड़ा ग्राम का संबंध बिजोलिया प्रजामण्डल से है।
  3. "राजस्थान टाइम्स" अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन जयपुर से होता था।
  4. सागर-जवाहर जी का संबंध मेवाड़ क्षेत्र से था।
  5. लंदन के "हाउस ऑफ कॉमन्स" में राजस्थान की स्थिति पर चर्चा हुई।
  6. राव कृष्ण सिंह ने एक नया कर चौथ नाम से लगाया।
  7. मेवाड़ के दीवान बारहठ ने डॉ. मोहन सिंह को बिजोलिया भेजा।
  8. गाँधी जी ने जालियाँवाला बाग हत्याकांड को भी वीभत्स बताया।
  9. 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पाकिस्तान ने भारत को से नवाजा।

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न

  1. 1823 ई. में अंग्रेजों ने सबसे अंत में राजस्थान की किस रियासत के साथ संधि की थी?

    उत्तर: अंग्रेजों ने सबसे अंत में 1823 ई. में भरतपुर रियासत के साथ संधि की थी।

  2. 1857 की क्रांति का राजस्थान में आरंभ किस दिनांक को हुआ?

    उत्तर: 1857 की क्रांति राजस्थान में 28 मई 1857 को नसीराबाद (अजमेर) से आरंभ हुई।

  3. रास्तापाल ग्राम में किस क्रांतिकारी की स्मृति में स्मारक बना हुआ है?

    उत्तर: रास्तापाल ग्राम में शहीद मंगल सिंह की स्मृति में स्मारक बना हुआ है।

  4. बिजोलिया राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

    उत्तर: बिजोलिया भीलवाड़ा जिले में स्थित है।

  5. भगत पंथ के प्रतिपादक कौन थे?

    उत्तर: भगत पंथ के प्रतिपादक भगत जी (भगतराम) थे।

  6. 1939 ई. में राजस्थान सेवा संघ की स्थापना कहाँ हुई?

    उत्तर: राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1939 ई. में जयपुर में हुई।

  7. एकी आंदोलन किसने प्रारंभ किया?

    उत्तर: एकी आंदोलन मोतीलाल तेजावत ने प्रारंभ किया।

  8. विजयसिंह पथिक का पूरा नाम लिखिए।

    उत्तर: विजयसिंह पथिक का पूरा नाम विजयसिंह गुर्जर था।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

  1. 1857 ई. की क्रांति आरंभ होने के समय राजस्थान में कहाँ-कहाँ सैनिक छावनियाँ थीं?

    1857 ई. की क्रांति के समय राजस्थान में निम्नलिखित स्थानों पर सैनिक छावनियाँ थीं:

    • जोधपुर
    • जयपुर
    • कोटा
    • नसीराबाद (अजमेर)
    • ब्यावर
    • देवली (टोंक)
    • एरिनपुरा (पाली)
  2. राजस्थान में 1857 ई. की क्रांति के समय जोधपुर और भरतपुर रियासत में ब्रिटिश पोलिटिकल एजेंट कौन थे?

    1857 ई. की क्रांति के समय:

    • जोधपुर रियासत में ब्रिटिश पोलिटिकल एजेंट कर्नल मोनरो थे।
    • भरतपुर रियासत में ब्रिटिश पोलिटिकल एजेंट मेजर मॉरिसन थे।
  3. राजस्थान में 1857 ई. की क्रांति के समय कोटा और जयपुर रियासत के शासकों के नाम लिखिए।

    1857 ई. की क्रांति के समय:

    • कोटा रियासत के शासक महाराव रामसिंह द्वितीय थे।
    • जयपुर रियासत के शासक महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय थे।
  4. स्वतंत्रता संग्राम में विजयसिंह पथिक की भूमिका का वर्णन कीजिए।

    विजयसिंह पथिक (1882-1954) राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी और जननायक थे। उनकी भूमिका निम्नलिखित रही:

    • उन्होंने बिजोलिया किसान आंदोलन (1913-1941) का नेतृत्व किया, जो मेवाड़ में जमींदारों के अत्याचारों के विरुद्ध था।
    • उन्होंने राजस्थान सेवा संघ की स्थापना की, जिसने जनजागृति और स्वतंत्रता की भावना का प्रसार किया।
    • वे असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय रहे और कई बार जेल गए।
    • उन्होंने राजस्थान के एकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  5. सीकर क्षेत्र के उन तीन क्रांतिकारियों के नामों का उल्लेख कीजिए, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    सीकर क्षेत्र के तीन प्रमुख क्रांतिकारी निम्नलिखित हैं:

    • राव राजा हरिसिंह - उन्होंने सीकर रियासत में सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया।
    • ठाकुर देशराज - वे एक प्रमुख क्रांतिकारी थे जिन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया।
    • पंडित नंदलाल शर्मा - वे स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे।
  6. अभिनंदन वर्धमानं कौन हैं? आप उनके साहस के बारे में क्या जानते हैं?

    अभिनंदन वर्धमानं भारतीय वायु सेना के एक वीर पायलट थे। उनके साहस के बारे में:

    • 27 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई युद्ध में उन्होंने वीरता दिखाई।
    • उनका विमान (मिग-21 बाइसन) पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराने के बाद पाकिस्तान की सीमा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
    • उन्हें पाकिस्तान ने बंदी बना लिया, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत की कूटनीति के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया।
    • उनके साहस और देशभक्ति के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
  7. भील समुदाय में हुए समाज सुधार आंदोलन में गोविंद गिरी की भूमिका का वर्णन कीजिए।

    गोविंद गिरी (1858-1931) भील समुदाय के एक महान समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता थे। उनकी भूमिका:

    • उन्होंने भील समुदाय में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, नशाखोरी और अंधविश्वास के विरुद्ध आंदोलन चलाया।
    • उन्होंने समाज सुधार आंदोलन का नेतृत्व किया और भीलों को शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
    • उन्होंने भीलों को संगठित करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया।
    • उनके आंदोलन ने भील समाज में जागृति लाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  8. मेवाड़ का संयुक्त राज्य राजस्थान में विलय किस प्रकार हुआ?

    मेवाड़ (उदयपुर) का राजस्थान में विलय निम्नलिखित प्रकार से हुआ:

    • 18 अप्रैल 1948 को मेवाड़ का विलय संयुक्त राजस्थान में हुआ, जिसमें उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अन्य रियासतें शामिल थीं।
    • महाराणा भूपाल सिंह ने भारत के प्रति वफादारी दिखाते हुए विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
    • इस विलय के बाद संयुक्त राजस्थान का गठन हुआ, जो बाद में 30 मार्च 1949 को वृहत्तर राजस्थान में शामिल हो गया।

निबंधात्मक प्रश्न

  1. राजस्थान के एकीकरण में तत्कालीन केंद्र सरकार की भूमिका को समझाइए।

    राजस्थान के एकीकरण में तत्कालीन केंद्र सरकार (सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही:

    • सरदार पटेल ने रियासतों को भारत में विलय के लिए राजी किया। उन्होंने राजस्थान की रियासतों के शासकों से वार्ता की और उन्हें विलय के लिए प्रेरित किया।
    • वी.पी. मेनन ने रियासतों के एकीकरण की योजना बनाई और इसे क्रियान्वित किया।
    • केंद्र सरकार ने राजस्थान के एकीकरण को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया:
      • पहला चरण (1948): मत्स्य संघ (अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली)
      • दूसरा चरण (1948): संयुक्त राजस्थान (उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर)
      • तीसरा चरण (1949): वृहत्तर राजस्थान
      • अंतिम चरण (1956): राजस्थान का पूर्ण गठन
    • केंद्र सरकार ने शासकों को प्रिवी पर्स और विशेषाधिकार देकर विलय को सुगम बनाया।
  2. राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम में विजय सिंह पथिक की भूमिका का वर्णन कीजिए।

    विजय सिंह पथिक (1882-1954) राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी और जननायक थे। उनकी भूमिका निम्नलिखित रही:

    • उन्होंने बिजोलिया किसान आंदोलन (1913-1941) का नेतृत्व किया, जो मेवाड़ में जमींदारों के अत्याचारों के विरुद्ध था।
    • उन्होंने राजस्थान सेवा संघ की स्थापना की, जिसने जनजागृति और स्वतंत्रता की भावना का प्रसार किया।
    • वे असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में सक्रिय रहे और कई बार जेल गए।
    • उन्होंने राजस्थान के एकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  3. बिजोलिया किसान आंदोलन की प्रमुख घटनाओं का वर्णन कीजिए।

    बिजोलिया किसान आंदोलन (1913-1941) राजस्थान के इतिहास का एक महत्वपूर्ण किसान आंदोलन था। इसकी प्रमुख घटनाएँ:

    • 1913: आंदोलन की शुरुआत बिजोलिया ठिकाने (मेवाड़) में जमींदारों के अत्याचारों के विरुद्ध हुई।
    • 1915: विजय सिंह पथिक ने आंदोलन का नेतृत्व संभाला और किसानों को संगठित किया।
    • 1916: किसानों ने लगान न देने का निर्णय लिया और अंग्रेजों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किए।
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खंड - द (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 27.

सेना द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न सम्मानों के बारे बताते हुए उन सैनिकों के नाम सूचीबद्ध कीजिए जिनका संबंध राजस्थान से हैं।

अथवा

पुलवामा हमले में शहीद राजस्थान के शहीदों का परिचय दीजिए।

उत्तर (विकल्प 1): सेना द्वारा दिए जाने वाले प्रमुख सम्मानों में परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र शामिल हैं। राजस्थान से संबंधित कुछ प्रमुख सैनिकों के नाम इस प्रकार हैं:

  • मेजर शैतान सिंह (जोधपुर) - परमवीर चक्र (1948, श्रीनगर युद्ध)
  • नायक जोगेंद्र सिंह (सीकर) - परमवीर चक्र (1962, चीन युद्ध)
  • सूबेदार मेजर भंवर सिंह (जयपुर) - परमवीर चक्र (1965, पाकिस्तान युद्ध)
  • कैप्टन मनोज कुमार पांडे (जयपुर) - परमवीर चक्र (1999, कारगिल युद्ध)
  • मेजर सुदर्शन सिंह (जोधपुर) - महावीर चक्र
  • लेफ्टिनेंट कर्नल होशियार सिंह (सीकर) - महावीर चक्र

ये सैनिक राजस्थान की वीरता और बलिदान की परंपरा के प्रतीक हैं।

उत्तर (विकल्प 2): 14 फरवरी 2019 को पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवान शहीद हुए। इनमें राजस्थान के निम्नलिखित शहीद शामिल हैं:

  • हेड कॉन्स्टेबल राजेश कुमार (जिला: सीकर)
  • कॉन्स्टेबल राम प्रसाद (जिला: बूंदी)
  • कॉन्स्टेबल राम निवास (जिला: झुंझुनू)
  • कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार (जिला: अलवर)
  • कॉन्स्टेबल राम कुमार (जिला: हनुमानगढ़)
  • कॉन्स्टेबल राम सिंह (जिला: जयपुर)

इन वीर जवानों ने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी।

प्रश्न 28.

स्वतंत्रता से पूर्व हुए राजस्थान के प्रमुख आदिवासी आंदोलनों की समीक्षा कीजिए।

अथवा

स्वतंत्रता संग्राम में शाहपुरा के अनास परिवार के योगदान को सविस्तार समझाइए।

उत्तर (विकल्प 1): स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान में कई प्रमुख आदिवासी आंदोलन हुए, जिन्होंने ब्रिटिश शासन और सामंती उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष किया। इनमें प्रमुख हैं:

  • भील आंदोलन (1818-1830): मेवाड़ और दक्षिणी राजस्थान में भीलों ने ब्रिटिश नीतियों और जमींदारों के अत्याचार के खिलाफ विद्रोह किया। इसमें भील नेता गोविंद गुरु का महत्वपूर्ण योगदान था।
  • मीणा विद्रोह (1857-1860): 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मीणा जाति ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया। यह विद्रोह मुख्यतः जयपुर, अलवर और करौली क्षेत्रों में हुआ।
  • गरासिया आंदोलन (1880-1900): दक्षिणी राजस्थान (डूंगरपुर, बांसवाड़ा) में गरासिया आदिवासियों ने जमींदारों और महाजनों के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया।
  • भील-गरासिया आंदोलन (1913-1915): गोविंद गुरु के नेतृत्व में भील और गरासिया आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन और सामंती उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष किया।
  • मीणा-भील आंदोलन (1920-1930): महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर मीणा और भील आदिवासियों ने करों के विरोध और वन अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन किया।

इन आंदोलनों ने राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजागरण किया।

उत्तर (विकल्प 2): शाहपुरा (वर्तमान में राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में) का अनास परिवार स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख योगदानकर्ता रहा। इस परिवार के मुख्य सदस्यों में ठाकुर केसरी सिंह और ठाकुर जवाहर सिंह शामिल थे।

  • ठाकुर केसरी सिंह: वे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहे और ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह में शामिल हुए। उन्होंने शाहपुरा क्षेत्र में ब्रिटिश नीतियों का विरोध किया और जनता को संगठित किया।
  • ठाकुर जवाहर सिंह: वे 20वीं सदी की शुरुआत में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने असहयोग आंदोलन (1920-22) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) में भाग लिया। उन्होंने शाहपुरा में जनसभाएं आयोजित कीं और लोगों को स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया।
  • परिवार का सामाजिक योगदान: अनास परिवार ने शिक्षा और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया। उन्होंने शाहपुरा में स्कूल और अस्पताल खोलने में मदद की और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई।

इस प्रकार, अनास परिवार ने राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम में सैन्य, राजनीतिक और सामाजिक योगदान दिया।

प्रश्न 29.

राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरणों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

अथवा

बूंदी राज्य में झू किसान आंदोलन का वर्णन कीजिए।

अथवा

1857 से 1860 ई. के मध्य राजस्थान में हुए मीणा विद्रोह की प्रमुख घटनाओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर (विकल्प 1): राजस्थान का एकीकरण 1948 से 1956 के बीच सात चरणों में पूरा हुआ। इसका आलोचनात्मक मूल्यांकन इस प्रकार है:

  • प्रथम चरण (18 मार्च 1948): बीकानेर, जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर मिलकर 'राजस्थान संघ' बना। मूल्यांकन: यह एकीकरण का पहला कदम था, लेकिन इसमें बड़े राज्य शामिल नहीं थे।
  • द्वितीय चरण (25 मार्च 1948): कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और किशनगढ़ मिलकर 'राजस्थान संघ' में शामिल हुए। मूल्यांकन: इससे छोटे राज्यों का एकीकरण हुआ, लेकिन प्रशासनिक चुनौतियां बनी रहीं।
  • तृतीय चरण (15 अप्रैल 1948): उदयपुर (मेवाड़) राजस्थान संघ में शामिल हुआ। मूल्यांकन: मेवाड़ के शामिल होने से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक एकता मजबूत हुई।
  • चतुर्थ चरण (30 मार्च 1949): जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर मिलकर 'वृहत्तर राजस्थान' बना। मूल्यांकन: इससे बड़े राज्यों का एकीकरण हुआ, लेकिन राजनीतिक तनाव बने रहे।
  • पंचम चरण (15 मई 1949): कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और किशनगढ़ वृहत्तर राजस्थान में शामिल हुए। मूल्यांकन: इससे प्रशासनिक एकीकरण बढ़ा, लेकिन स्थानीय पहचान को खतरा हुआ।
  • षष्ठम चरण (26 जनवरी 1950): सिरोही राज्य राजस्थान में शामिल हुआ। मूल्यांकन: इससे सीमा विवाद सुलझे, लेकिन सिरोही के कुछ हिस्से गुजरात को देने से असंतोष हुआ।
  • सप्तम चरण (1 नवंबर 1956): राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश पर अजमेर, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से (भोपाल, मंदसौर) और पंजाब के कुछ हिस्से राजस्थान में शामिल हुए। मूल्यांकन: इससे राजस्थान का वर्तमान स्वरूप बना, लेकिन भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को एकीकृत करने में चुनौतियां आईं।

आलोचनात्मक निष्कर्ष: राजस्थान का एकीकरण एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी, लेकिन इसमें राजनीतिक दबाव, सामंती हितों और प्रशासनिक अक्षमताओं के कारण कई कमियां रहीं। छोटे राज्यों के शासकों को विशेषाधिकार देने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।